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Kaushambi News: नौ साल चले मुकदमे के बाद भी गैंगस्टर के खिलाफ गवाह नहीं प्रस्तुत कर सकी पुलिस

Tue, 30 Jan 2024 04:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी Updated Tue, 30 Jan 2024 04:41 AM IST
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Even after nine years of trial, the police could not produce witnesses against the gangster
अ​भियुक्त छुट्टन पासी उर्फ रंजीत पासी।
विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट आभा पाल की अदालत ने आरोपी के जुर्म कुबूल करने पर जेल में बिताई गई नौ साल की सजा के साथ ही पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। नौ साल एक माह 24 दिन की सजा बिताने के दौरान पुलिस की ओर से कोर्ट में गवाह प्रस्तुत नहीं कर सकी। इस पर आरोपी ने कोर्ट में हाजिर होकर खुद जुर्म कुबूल करते हुए सजा सुनाने की फरियाद लगाई थी।
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प्रयागराज जनपद के पूरामुफ्ती कोतवाली पुलिस ने 13 नवंबर 2014 को धूमनगंज थाने के मुबारकपुर कोटवा निवासी छुट्टन पासी उर्फ रंजीत के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज किया था। तत्कालीन जिलाधिकारी की संस्तुति के बाद थाना पुलिस ने विवेचनात्मक कार्रवाई कर आरोपी के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया था।
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गिरफ्तारी के बाद से अब तक आरोपी लगातार जेल में रहा। इसके बावजूद पुलिस कोर्ट के समक्ष कोई भी गवाह नहीं प्रस्तुत कर सकी। इससे आजिज आरोपी छुट्टन ने सोमवार को कोर्ट के सामने प्रस्तुत होकर अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता दिनेश केसरवानी ने मुकदमे की पैरवी की। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया।
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आरोपी ने सोमवार को ही अर्थदंड की धनराशि कोर्ट में जमा कर दी। इस पर अदालत ने नियमानुसार आरोपी की रिहाई करने के लिए जेल प्रशासन को आदेश भेज दिया।

तमंचा रखने में 1500 जुर्माना
कोखराज कोतवाली के मुजाहिदपुर निवासी हरन पटेल को पुलिस ने वर्ष 2009 में अवैध तमंचा के साथ गिरफ्तार किया था। 15 साल तक अदालत का चक्कर काटने के बाद भी पुलिस की ओर से गवाह प्रस्तुत नहीं किए गए। इससे आजिज आरोपी ने सोमवार को कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर अपना जुर्म कबूल कर लिया। इस पर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सौम्या गिरि ने 1500 रुपये के अर्थ दंड से दंडित किया है। अर्थदंड की अदायगी नहीं करने पर 10 दिन का कारावास भुगतने का आदेश दिया।
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