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Kaushambi News: गंगा का जलस्तर बढ़ने से कछारी क्षेत्र की फसलें डूबीं
Thu, 02 Apr 2026 01:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Thu, 02 Apr 2026 01:36 AM IST
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जाहगीरा बाद में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से डूबा तरबूज की खेती। संवाद
- फोटो : Archive
कछारी इलाकों में गंगा के जलस्तर में अचानक हुई वृद्धि से किसानों की फसलें जलमग्न हो गई हैं। तरसौरा गांव के किसान संतोष पटेल, बलराम पटेल, देवता दीन, ननकू लाल और रमेश की खेती पूरी तरह पानी में डूब गई, जिससे उन्हें आर्थिक क्षति उठानी पड़ी है।
इसी तरह जहंगीरााबाद क्षेत्र के किसान लाल जी निषाद, आशीष निषाद, राहुल पांडेय समेत कई अन्य की कद्दू व तरबूज की फसलें भी बाढ़ की चपेट में आ गई हैं। किसानों का कहना है कि यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो और अधिक नुकसान हो सकता है।
मामले में सिराथू के एसडीएम योगेश कुमार गौड़ ने बताया कि उन्हें फसल डूबने की सूचना मिली है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कछारी क्षेत्र (गंगा की रेती) में बिना खतौनी दर्ज कराई गई खेती पर मुआवजा देना संभव नहीं है। हालांकि, जिन किसानों की फसलें खतौनी में दर्ज हैं और नुकसान की पुष्टि होती है तो उन्हें शासन स्तर से मुआवजा दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।
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इसी तरह जहंगीरााबाद क्षेत्र के किसान लाल जी निषाद, आशीष निषाद, राहुल पांडेय समेत कई अन्य की कद्दू व तरबूज की फसलें भी बाढ़ की चपेट में आ गई हैं। किसानों का कहना है कि यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो और अधिक नुकसान हो सकता है।
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मामले में सिराथू के एसडीएम योगेश कुमार गौड़ ने बताया कि उन्हें फसल डूबने की सूचना मिली है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कछारी क्षेत्र (गंगा की रेती) में बिना खतौनी दर्ज कराई गई खेती पर मुआवजा देना संभव नहीं है। हालांकि, जिन किसानों की फसलें खतौनी में दर्ज हैं और नुकसान की पुष्टि होती है तो उन्हें शासन स्तर से मुआवजा दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।
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