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Kaushambi News: फाल्गुन में सूखा पानी, तालाब में क्रिकेट खेल रहे बच्चे
Tue, 17 Feb 2026 12:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Tue, 17 Feb 2026 12:56 AM IST
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रायपुर गांव का मुंदरिहा के सूखे तालाब में क्रिकेट खेलते हुए बच्चे व घास चरती भेड़ बकरियां- संवा
फाल्गुन की शुरुआत में ही महेवाघाट गांव के तालाब सूख चुके हैं। बच्चे वहां क्रिकेट खेलते हैं, भेड़-बकरियों का चरागाह बन गया है। यही हाल अन्य तालाबों का है। तापमान बढ़ने लगा है।
रायपुर, रानीपुर, डूंडी, शाहपुर, पलरा, भगवतपुर और बरुआ सहित कई गांवों में तालाबों का दायरा सिमटता जा रहा है। नियमित खोदाई और सफाई न होने से उनकी गहराई कम हो गई है। थोड़ी सी गर्मी बढ़ते ही पानी समाप्त हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि विभिन्न योजनाओं के बावजूद अधिकांश तालाबों की स्थिति खराब है। पानी की समस्या है। समय रहते संरक्षण नहीं किया गया तो गर्मी के चरम पर पेयजल संकट और गहरा सकता है।
ओमप्रकाश त्रिपाठी, अर्जुन, बैजनाथ, सौरभ, भैरव प्रसाद आदि का कहना है कि तालाबों का सूखना आने वाले जल संकट की चेतावनी है। अभी से ठोस नहीं किए गए तो आने वाली पीढ़ियां सिर्फ तस्वीरों में ही पानी भरे तालाब देख सकेंगी।
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सूखे तालाबों में पानी भरवाने के लिए पंचायत सचिवों को निर्देशित किया जाएगा। इससे जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीणों को पशुओं व अन्य आवश्यक कार्यों के लिए पानी की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। पंचायत स्तर पर तालाबों को पुनर्जीवित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। -मार्तंड सिंह, एडीओ पंचायत, सरसंवा
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रायपुर, रानीपुर, डूंडी, शाहपुर, पलरा, भगवतपुर और बरुआ सहित कई गांवों में तालाबों का दायरा सिमटता जा रहा है। नियमित खोदाई और सफाई न होने से उनकी गहराई कम हो गई है। थोड़ी सी गर्मी बढ़ते ही पानी समाप्त हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि विभिन्न योजनाओं के बावजूद अधिकांश तालाबों की स्थिति खराब है। पानी की समस्या है। समय रहते संरक्षण नहीं किया गया तो गर्मी के चरम पर पेयजल संकट और गहरा सकता है।
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ओमप्रकाश त्रिपाठी, अर्जुन, बैजनाथ, सौरभ, भैरव प्रसाद आदि का कहना है कि तालाबों का सूखना आने वाले जल संकट की चेतावनी है। अभी से ठोस नहीं किए गए तो आने वाली पीढ़ियां सिर्फ तस्वीरों में ही पानी भरे तालाब देख सकेंगी।
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सूखे तालाबों में पानी भरवाने के लिए पंचायत सचिवों को निर्देशित किया जाएगा। इससे जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीणों को पशुओं व अन्य आवश्यक कार्यों के लिए पानी की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। पंचायत स्तर पर तालाबों को पुनर्जीवित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। -मार्तंड सिंह, एडीओ पंचायत, सरसंवा