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डीपीआरओ के गोद लिए विद्यालय में गंदगी का अंबार
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Wed, 20 Sep 2017 01:03 AM IST
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kaushambi
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जिले के 16 प्राइमरी विद्यालयों को अधिकारियों ने मॉडल स्कूल बनाने के लिए गोद ले रखा है। इनमें जिला मुख्यालय पाता में स्थित विद्यालय को डीपीआरओ ने गोद लिया है। यह वही डीपीआरओ हैं जिन पर पूरे जिले की साफ-सफाई का दारोमदार है। पाता विद्यालय स्वच्छता अभियान का मुंह चिढ़ा रहा है। इस विद्यालय में गंदगी ही गदंगी है। पानी के बीच में शौचालय है। यह विद्यालय कैसे मॉडल स्कूल में तब्दील होगा, इसको लेकर तमाम खडे़े हो गए हैं।
सीडीओ समेत 16 जिलास्तरीय अधिकारियों ने एक-एक प्राथमिक विद्यालय को गोद लिया है। पाता प्राथमिक विद्यालय को डीपीआरओ कमल किशोर ने गोद लिया है। इस विद्यालय के मुख्य द्वार से घुसते ही बच्चे संभल कर चलने लगते हैं। विद्यालय में बड़ी-बड़ी घास व झाड़ है। किचन गंदा है। यहीं बच्चों के लिए खाना बनता है। जहां शौचालय बना है, वहां पानी भरा हुआ है। बच्चे वहां तक पहुंच नहीं सकते हैं। शौचालय मात्र दिखावा साबित हो रहा है। स्कूल परिसर के अंदर बना रास्ता भी जर्जर है, उस पर भी घास है। जल निकासी का कोई इंतजाम नहीं किया गया है, इससे परिसर में चारों तरफ पानी भरा हुआ है। थोड़ी सी बारिश हुई तो यह विद्यालय तालाब की शक्ल अख्तियार कर लेता है। विद्यालय को एक नजर में देखने से ही साफ पता चल जाता है कि डीपीआरओ एक भी दिन इस स्कूल में नहीं आए हैं, जबकि उनको गोद लिए यह स्कूल 13 दिन से ज्यादा हो गया है। यदि स्थिति रही तो यह स्कूल कैसे मॉडल स्कूल बनेगा, इसको लेकर लोग तमाम तरह के सवाल कर रहे हैं। इसका जवाब देने से अधिकारी कतरा रहे हैं।
सांप और बिच्छू का है खतरा
पाता प्राथमिक विद्यालय में घास इतनी ज्यादा है कि सांप व बिच्छू के निकलने का खतरा हर समय बना रहता है। कई बार छात्रों के अभिभावकों ने इसकी साफ सफाई कराने की मांग हेडमास्टर से की लेकिन विद्यालय को साफ-सुथरा नहीं करवाया गया। डीपीआरओ ने गोद लिया तो उम्मीद बढ़ी की जल्द ही इसकी सफाई हो जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
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डीएम का स्कूल चमाचम, फिर भी नहीं चेत रहे अधिकारी
डीएम ने मुख्लालय में स्थित प्राथमिक विद्यालय बंबुरा को गोद ले रखा है। यह विद्यालय चमाचम है। चहारदीवारी, शौचालय, किचन शेड आदि बनकर तैयार हैं। इस विद्यालय को देखने के बाद भी अधिकारी नहीं चेत रहे हैं, न ही अपने गोद लिए गांव को लेकर संजीदा हैं।
प्राइमरी विद्यालय पाता में जल निकासी की समस्या है। इसका इस्टीमेट बनवाया जा रहा है। एक हफ्ते के भीतर यहां काम शुरू हो जाएगा। जल्द ही यह जनपद का मॉडल स्कूल होगा। सारी सुविधाओं का लाभ छात्रों को दिलाया जाएगा।
कमल किशोर
जिला पंचायत राज अधिकारी
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सीडीओ समेत 16 जिलास्तरीय अधिकारियों ने एक-एक प्राथमिक विद्यालय को गोद लिया है। पाता प्राथमिक विद्यालय को डीपीआरओ कमल किशोर ने गोद लिया है। इस विद्यालय के मुख्य द्वार से घुसते ही बच्चे संभल कर चलने लगते हैं। विद्यालय में बड़ी-बड़ी घास व झाड़ है। किचन गंदा है। यहीं बच्चों के लिए खाना बनता है। जहां शौचालय बना है, वहां पानी भरा हुआ है। बच्चे वहां तक पहुंच नहीं सकते हैं। शौचालय मात्र दिखावा साबित हो रहा है। स्कूल परिसर के अंदर बना रास्ता भी जर्जर है, उस पर भी घास है। जल निकासी का कोई इंतजाम नहीं किया गया है, इससे परिसर में चारों तरफ पानी भरा हुआ है। थोड़ी सी बारिश हुई तो यह विद्यालय तालाब की शक्ल अख्तियार कर लेता है। विद्यालय को एक नजर में देखने से ही साफ पता चल जाता है कि डीपीआरओ एक भी दिन इस स्कूल में नहीं आए हैं, जबकि उनको गोद लिए यह स्कूल 13 दिन से ज्यादा हो गया है। यदि स्थिति रही तो यह स्कूल कैसे मॉडल स्कूल बनेगा, इसको लेकर लोग तमाम तरह के सवाल कर रहे हैं। इसका जवाब देने से अधिकारी कतरा रहे हैं।
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सांप और बिच्छू का है खतरा
पाता प्राथमिक विद्यालय में घास इतनी ज्यादा है कि सांप व बिच्छू के निकलने का खतरा हर समय बना रहता है। कई बार छात्रों के अभिभावकों ने इसकी साफ सफाई कराने की मांग हेडमास्टर से की लेकिन विद्यालय को साफ-सुथरा नहीं करवाया गया। डीपीआरओ ने गोद लिया तो उम्मीद बढ़ी की जल्द ही इसकी सफाई हो जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
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डीएम का स्कूल चमाचम, फिर भी नहीं चेत रहे अधिकारी
डीएम ने मुख्लालय में स्थित प्राथमिक विद्यालय बंबुरा को गोद ले रखा है। यह विद्यालय चमाचम है। चहारदीवारी, शौचालय, किचन शेड आदि बनकर तैयार हैं। इस विद्यालय को देखने के बाद भी अधिकारी नहीं चेत रहे हैं, न ही अपने गोद लिए गांव को लेकर संजीदा हैं।
प्राइमरी विद्यालय पाता में जल निकासी की समस्या है। इसका इस्टीमेट बनवाया जा रहा है। एक हफ्ते के भीतर यहां काम शुरू हो जाएगा। जल्द ही यह जनपद का मॉडल स्कूल होगा। सारी सुविधाओं का लाभ छात्रों को दिलाया जाएगा।
कमल किशोर
जिला पंचायत राज अधिकारी