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Kaushambi News: नदियों के किनारे दीपदान से नष्ट हो जाते हैं पाप
Mon, 20 Oct 2025 12:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Mon, 20 Oct 2025 12:56 AM IST
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कड़ा में दीपदान करते श्रद्धालु। फाइल फोटो
- फोटो : Udhampur news
कार्तिक का महीना भगवान विष्णु का प्रिय महीना है। इस महीने में पूजा अर्चना के साथ दीप दान का विशेष महत्व है। पंडित ज्ञानेंद्र शास्त्री ने बताया कि हिंदू धर्म में कार्तिक माह को बेहद महत्वपूर्ण और खास माना जाता है। मान्यता है कि इस महीने जो भी भक्त पूरी श्रद्धा के साथ भगवान विष्णु की आराधना करता है, उस पर भगवान की कृपा सदा के लिए बनी रहती है।
हजारों लोग अमावस्या पर दीपदान करने जाते हैं चित्रकूट
वनवास के दौरान भगवान श्रीराम माता सीता और लक्ष्मण के साथ कई साल चित्रकूट में बिताए थे। माता अनुसूया ने अपने तप के बल पर मंदाकिनी को प्रकट किया था। कौशाम्बी से चित्रकूट काफी नजदीक है इसलिए जिले से हजारों लोग अमावस्या पर दीपदान करने चित्रकूट जाते हैं।
मां शीतला धाम में भी काफी लोग करते हैं दीपदान
पुराणों के अनुसार, देवी सती के 51 टुकड़े जहां भी गिरे वहीं एक शक्तिपीठ स्थापित कर दिया गया। इसी क्रम में कराकोटम जंगल में जिस स्थान पर सती का हाथ गिरा, उस स्थान का नाम करा रख दिया गया जो बाद में अपभ्रंश होकर कड़ा हो गया।
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हजारों लोग अमावस्या पर दीपदान करने जाते हैं चित्रकूट
वनवास के दौरान भगवान श्रीराम माता सीता और लक्ष्मण के साथ कई साल चित्रकूट में बिताए थे। माता अनुसूया ने अपने तप के बल पर मंदाकिनी को प्रकट किया था। कौशाम्बी से चित्रकूट काफी नजदीक है इसलिए जिले से हजारों लोग अमावस्या पर दीपदान करने चित्रकूट जाते हैं।
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मां शीतला धाम में भी काफी लोग करते हैं दीपदान
पुराणों के अनुसार, देवी सती के 51 टुकड़े जहां भी गिरे वहीं एक शक्तिपीठ स्थापित कर दिया गया। इसी क्रम में कराकोटम जंगल में जिस स्थान पर सती का हाथ गिरा, उस स्थान का नाम करा रख दिया गया जो बाद में अपभ्रंश होकर कड़ा हो गया।
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