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उमरा गांव में फैला डायरिया, दो दर्जन बीमार
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Sat, 20 May 2017 01:23 AM IST
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बीमार महिला
- फोटो : amar ujala
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मंझनपुर के उमरा मजरा टेंवा में तीन दिन से डायरिया का प्रकोप है। दो दर्जन से अधिक लोगों के बीमारी की चपेट में आने की खबर पर शुक्रवार को चिकित्सकों की टीम गांव पहुंची। कैंप लगाकर मरीजों का इलाज शुरू होने पर मरीजों के परिजनों ने राहत की सांस ली।
उमरा गांव में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से धड़ाम है। गांव की गलियों व नालियों में गंदगी के चलते तीन दिन पहले डायरिया ने दस्तक दी। बीमारी की जद में गांव की गुड्डी देवी (65), सूर्या (03), किरण (05), काजल (06), श्वेता (12), धनपत (06), अर्जुन (32), शिवनिवास (25) सहित दो दर्जन से अधिक लोगों के आने पर हड़कंप मच गया। इसकी जानकारी पीएचसी मंझनपुर के एमओआईसी डॉ. अरुण पटेल को हुई तो चिकित्सकों की टीम शुक्रवार की सुबह गांव पहुंची।
चिकित्सकों ने गांव में कैंप लगाकर मरीजों का उपचार किया। इस दौरान ग्रामीणों को पानी उबालकर पीने, बासी भोजन न करने व घरों को साफ-सुथरा बनाए रखने सला दी गई। चिकित्सकों की टीम में डॉ. अरुण कुमार के अलावा डॉ. अलीमा खातून, रूपा देवी, बेलाल अहमद, संतोष कुमार, सुनीता रानी, आशा व आंगनबाड़ी शामिल रहीं।
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पीएचसी चरवा के बलकरनपुर गांव में डायरिया का प्रकोप शुरू हो गया है। गांव की तारावती पत्नी राम सिंह के घर में दस्तक देते ही बीमारी ने चार लोगों को जद में ले लिया। इसमें तारावती सहित उसके बच्चे रुचि, दीपांजलि व सचिन शामिल हैं। नीम हकीमों के इलाज से राहत नहीं मिलने पर परिजनों ने उन्हें जिला अस्पताल में शुक्रवार की सुबह भर्ती कराया गया है। जिला अस्पताल में इलाज शुरू होने के बाद चारों मरीजों की हालत में सुधार शुरू हो गया है।
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उमरा गांव में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से धड़ाम है। गांव की गलियों व नालियों में गंदगी के चलते तीन दिन पहले डायरिया ने दस्तक दी। बीमारी की जद में गांव की गुड्डी देवी (65), सूर्या (03), किरण (05), काजल (06), श्वेता (12), धनपत (06), अर्जुन (32), शिवनिवास (25) सहित दो दर्जन से अधिक लोगों के आने पर हड़कंप मच गया। इसकी जानकारी पीएचसी मंझनपुर के एमओआईसी डॉ. अरुण पटेल को हुई तो चिकित्सकों की टीम शुक्रवार की सुबह गांव पहुंची।
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चिकित्सकों ने गांव में कैंप लगाकर मरीजों का उपचार किया। इस दौरान ग्रामीणों को पानी उबालकर पीने, बासी भोजन न करने व घरों को साफ-सुथरा बनाए रखने सला दी गई। चिकित्सकों की टीम में डॉ. अरुण कुमार के अलावा डॉ. अलीमा खातून, रूपा देवी, बेलाल अहमद, संतोष कुमार, सुनीता रानी, आशा व आंगनबाड़ी शामिल रहीं।
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पीएचसी चरवा के बलकरनपुर गांव में डायरिया का प्रकोप शुरू हो गया है। गांव की तारावती पत्नी राम सिंह के घर में दस्तक देते ही बीमारी ने चार लोगों को जद में ले लिया। इसमें तारावती सहित उसके बच्चे रुचि, दीपांजलि व सचिन शामिल हैं। नीम हकीमों के इलाज से राहत नहीं मिलने पर परिजनों ने उन्हें जिला अस्पताल में शुक्रवार की सुबह भर्ती कराया गया है। जिला अस्पताल में इलाज शुरू होने के बाद चारों मरीजों की हालत में सुधार शुरू हो गया है।