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Kaushambi News: अविश्वास प्रस्ताव पर अविश्वास...जांच के बाद बढ़ेगी बात
Wed, 02 Aug 2023 12:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Wed, 02 Aug 2023 12:39 AM IST
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मंझनपुर। जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना सोनकर के लिए बुधवार का दिन अहम है। उनके खिलाफ अविश्वास का हलफनामा दाखिल करने वाले 20 सदस्यों के हस्ताक्षरों का मिलान किया जाएगा। अध्यक्ष की ओर से फर्जी हस्ताक्षर होने का दावा किया गया है।
जिले का सियासी पारा चढ़ा हुआ है। 26 वार्डों वाले जिला पंचायत कौशाम्बी में भाजपा के महज 6 सदस्य होने के बावजूद पार्टी ने अपना अध्यक्ष बना लिया था। वक्त गुजरने के साथ राजनीति ने करवट बदली। अध्यक्ष कल्पना सोनकर की कार्यशैली से सदन के 20 सदस्य नाराज हो गए। हैरानी की बात यह भी कि इसमें भाजपा के भी पांच सदस्य शामिल बताए जा रहे हैं। इन सभी ने डीएम सुजीत कुमार से मिलकर अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए हलफनामा दाखिल किया है।
इसकी भनक लगते ही अध्यक्ष के प्रतिनिधि ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर हलफनामे पर फर्जी हस्ताक्षर किए जाने का आरोप लगा दिया। इस पर डीएम ने हस्ताक्षर मिलान के लिए दो अगस्त की तारीख मुकर्रर कर दी। हफ्ते भर का मौका मिलने पर दोनों खेमा अपनी-अपनी तैयारी में लग गया। बताया जा रहा है कि नाराज सदस्य जनपद से बाहर चले गए। देखना यह है कि आज कितने सदस्य उपस्थित होते हैं। अध्यक्ष खेमा भी अपने सियासी आकाओं की परिक्रमा में लगा है।
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कुर्सी बचाने के लिए चाहिए आठ सदस्य
अविश्वास प्रस्ताव पारित कराने के लिए सदन के दो तिहाई यानी 18 सदस्यों का एकजुट होना जरूरी है। अध्यक्ष को कुर्सी बचाने के लिए एक तिहाई अर्थात खुद के अलावा आठ सदस्यों का समर्थन आवश्यक है।
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जिले का सियासी पारा चढ़ा हुआ है। 26 वार्डों वाले जिला पंचायत कौशाम्बी में भाजपा के महज 6 सदस्य होने के बावजूद पार्टी ने अपना अध्यक्ष बना लिया था। वक्त गुजरने के साथ राजनीति ने करवट बदली। अध्यक्ष कल्पना सोनकर की कार्यशैली से सदन के 20 सदस्य नाराज हो गए। हैरानी की बात यह भी कि इसमें भाजपा के भी पांच सदस्य शामिल बताए जा रहे हैं। इन सभी ने डीएम सुजीत कुमार से मिलकर अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए हलफनामा दाखिल किया है।
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इसकी भनक लगते ही अध्यक्ष के प्रतिनिधि ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर हलफनामे पर फर्जी हस्ताक्षर किए जाने का आरोप लगा दिया। इस पर डीएम ने हस्ताक्षर मिलान के लिए दो अगस्त की तारीख मुकर्रर कर दी। हफ्ते भर का मौका मिलने पर दोनों खेमा अपनी-अपनी तैयारी में लग गया। बताया जा रहा है कि नाराज सदस्य जनपद से बाहर चले गए। देखना यह है कि आज कितने सदस्य उपस्थित होते हैं। अध्यक्ष खेमा भी अपने सियासी आकाओं की परिक्रमा में लगा है।
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कुर्सी बचाने के लिए चाहिए आठ सदस्य
अविश्वास प्रस्ताव पारित कराने के लिए सदन के दो तिहाई यानी 18 सदस्यों का एकजुट होना जरूरी है। अध्यक्ष को कुर्सी बचाने के लिए एक तिहाई अर्थात खुद के अलावा आठ सदस्यों का समर्थन आवश्यक है।