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धाता को कौशाम्बी से जोड़ने की तेज हुई मांग, प्रदर्शन

Thu, 20 Jul 2017 01:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी Updated Thu, 20 Jul 2017 01:59 AM IST
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demand for connecting dhata with kaushambi
धाता को कौशाम्बी से जोड़ने की मांग लेकर आया प्रतिनिधि मंडल। - फोटो : amar ujala
धाता को कौशाम्बी से जोड़ने की मांग को लेकर बुधवार को वहां के लोगों ने प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। धाता कस्बा निवासी प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अपनी समस्याओं को लेकर उन्हें फतेहपुर जाने में दिक्कत होती है जबकि दूरी कम होने से मंझनपुर आने में आसानी रहती है। इसलिए उन्हें कौशाम्बी जिले से जोड़ा जाए।  
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धाता को कौशाम्बी में विलय करने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। फतेहपुर के धाता ब्लाक के लोग कौशाम्बी से जुड़ना चाहते हैं। इसकी मुख्य वजह यह है कि धाता से जिला मुख्यालय की दूरी 14 किमी है जबकि फतेहपुर जिला मुख्यलय लगभग 80 किमी दूर है। कारोबार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा के लिए धाता के लोग कौशाम्बी ही आते हैं। दरअसल धाता को कौशाम्बी से जोड़ने की पहल कई वर्षों से चल रही है। इसको लेकर कई बार बैठकें भी र्हुइं। प्रस्ताव भी बना लेकिन शासन स्तर से ठोस कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
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इलाहाबाद के 96 गांवों को वापस करने की भी कवायद चल रही है। भाजपा सरकार बनते ही धाता के लोगों ने कौशाम्बी में विलय के लिए संघर्ष करना शुरू कर दिया है। धाता ब्लाक के लोग चाहते हैं कि उनके गांवों को कौशाम्बी से जोड़ दिया जाए। सर्व समाज कल्याण समिति धाता का प्रतिनिधि मंडल बुधवार को डीएम से मिला। डीएम को अध्यक्ष चंदन सिंह ने बताया कि धाता ब्लाक फतेहपुर जिला मुख्यालय से लगभग 80 किमी दूर है। यही कारण है कि उनका इलाका पिछड़ गया है। छोटे-छोटे कार्य के लिए जिला मुख्यालय जाना पड़ता है।
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इसको लेकर उन्हें तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बताया कि धाता खागा तहसील क्षेत्र में आता है। वहां जनता को दलाल ठगने का काम करते हैं। यही कारण है कि वह लोग विलय का विरोध कर रहे हैं। डीएम ने ज्ञापन लेकर प्रतिनिधि मंडल को आश्वासन दिया है कि वह जल्द ही इस पर कार्रवाई शुरू कराएंगे। प्रतिनिधि मंडल में रामजी सिंह, अनन्त सिंह, अवधेश सिंह, अनुपम सिंह आदि लोग रहे।
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