{"_id":"1d596a85b798509ca5f35c84b1f0c37a","slug":"works-on-adnga-advocates-cut-scene-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कार्यों में अडंगा पर अधिवक्ताओं ने काटा हंगामा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
कार्यों में अडंगा पर अधिवक्ताओं ने काटा हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
Updated Tue, 03 Feb 2015 12:56 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मंझनपुर। चायल के बाद अब मंझनपुर तहसीलदार भी अधिवक्ताओं के निशाने पर आए गए हैं। सोमवार को मंझनपुर में अधिवक्ताओं ने जमकर हंगामा काटा। तहसीलदार पर दाखिल खारिज आदि कार्यों में मनमानी करने का आरोप लगाते हुए सोमवार को वकीलों ने हंगामा काटा। साथ ही उपजिलाधिकारी को शिकायतीपत्र देकर तहसीलदार के तबादले की मांग की। एसडीएम जांच कराने का आश्वासन देकर अधिवक्ताओं को शांत कराया।
मंझनपुर तहसील के अधिवक्ता सुरेन्द्र कुमार मिश्रा, सोनू, फरीद अहमद, शमसाद अहमद, सुंदरलाल, अजय कुमार, विजय कुमार, राधेश्याम, बृजेश कुमार, रामलखन आदि ने तहसीलदार के खिलाफ मनमानी करने का आरोप लगाते हुए तहसील में प्रदर्शन किया। वकीलों का आरोप है कि जमीन की दाखिल खारिज आदि कार्य के लिए काश्तकारों को महीनों दौड़ाया जाता है। आरोप है कि तहसीलदार कार्यालय में कोई भी काम सुविधाशुल्क बगैर नहीं किया जाता है।
सुविधाशुल्क नहीं देने पर अभ्यर्थियों की फाइलों पर आपत्ति लगा दी जाती है। इससे आक्रोशित अधिवक्ताओं ने सोमवार को तहसील में जमकर हंगामा काटा। उपजिलाधिकारी से मामले की शिकायत की गई। साथ ही तहसीलदार के तबादले की मांग की गई। एसडीएम के मामले की जांच कराने का अश्वासन दिया, तब कहीं जाकर अधिवक्ता मान गए। वहीं अधिवक्ता सुरेन्द्र मिश्रा ने कहा कि तहसील में भ्रष्टाचार का अधिवक्ता विरोध करेंगे। मनमानी करने वाले अफसरों के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। एसडीएम नरेन्द्र बहादुर सिंह का कहना है कि आरोपों की जांच कराई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंझनपुर तहसील के अधिवक्ता सुरेन्द्र कुमार मिश्रा, सोनू, फरीद अहमद, शमसाद अहमद, सुंदरलाल, अजय कुमार, विजय कुमार, राधेश्याम, बृजेश कुमार, रामलखन आदि ने तहसीलदार के खिलाफ मनमानी करने का आरोप लगाते हुए तहसील में प्रदर्शन किया। वकीलों का आरोप है कि जमीन की दाखिल खारिज आदि कार्य के लिए काश्तकारों को महीनों दौड़ाया जाता है। आरोप है कि तहसीलदार कार्यालय में कोई भी काम सुविधाशुल्क बगैर नहीं किया जाता है।
विज्ञापन
सुविधाशुल्क नहीं देने पर अभ्यर्थियों की फाइलों पर आपत्ति लगा दी जाती है। इससे आक्रोशित अधिवक्ताओं ने सोमवार को तहसील में जमकर हंगामा काटा। उपजिलाधिकारी से मामले की शिकायत की गई। साथ ही तहसीलदार के तबादले की मांग की गई। एसडीएम के मामले की जांच कराने का अश्वासन दिया, तब कहीं जाकर अधिवक्ता मान गए। वहीं अधिवक्ता सुरेन्द्र मिश्रा ने कहा कि तहसील में भ्रष्टाचार का अधिवक्ता विरोध करेंगे। मनमानी करने वाले अफसरों के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। एसडीएम नरेन्द्र बहादुर सिंह का कहना है कि आरोपों की जांच कराई जाएगी।
विज्ञापन