{"_id":"5c421f7cbdec22736f4a6efb","slug":"use-of-the-illegal-letter-pad-of-cm","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीएम के फर्जी लेटरपैड से पास कराते थे ओवरलोड वाहन","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
सीएम के फर्जी लेटरपैड से पास कराते थे ओवरलोड वाहन
Sat, 19 Jan 2019 12:25 AM IST
shailendra Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Published by: shailendra Kumar
Updated Sat, 19 Jan 2019 12:25 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खनन माफिया का दुस्साहस इतना बढ़ गया है कि वे वाहन पास कराने के लिए अब सीएम के फर्जी लेटरपैड का भी इस्तेमाल करने लगे हैं। यहां बालू लदे पकड़े गए ओवरलोड ट्रक के चालक के पास से सीएम योगी आदित्यनाथ का फर्जी लेटरपैड मिला है। यही नहीं लेटर पैड में ओवरलोड वाहन को पास कराने की अनुमति भी थी। इसके अलावा ट्रक चालक के पास से डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के पीए का विजिटिंग कार्ड भी बरामद हुआ है। मामले में फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद पुलिस ने फैजाबाद निवासी ट्रक मालिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
तीन दिन पहले सदर कोतवाली पुलिस ने ओसा-समदा के बीच बालू लदा एक ओवरलोड ट्रक पकड़ा था। कोतवाल राकेश चौरसिया का कहना है कि चालक के पास से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का लेटर पैड मिला। इसके अलावा उसके मोबाइल पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के पीए प्रभाकर मौर्य का विजिटिंग कार्ड व्हाटसएप पर मिला। चालक की गाड़ी के कागजात भी संदिग्ध दिखे। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर मामले की जानकारी अफसरों को दी तो हड़कंप मच गया। आनन-फानन मुख्यमंत्री कार्यालय से संपर्क कर पत्र की हकीकत खंगाली गई तो वह फर्जी निकला। इस पर पुलिस ने फर्जीवाड़ा करने वाले ट्रक मालिक राजवन निवासी मुमताज नगर (थाना क्षेत्र इनायत नगर) फैजाबाद के खिलाफ शुक्रवार को रिपोर्ट दर्ज कर ली।
विज्ञापन
तीन दिन पहले सदर कोतवाली पुलिस ने ओसा-समदा के बीच बालू लदा एक ओवरलोड ट्रक पकड़ा था। कोतवाल राकेश चौरसिया का कहना है कि चालक के पास से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का लेटर पैड मिला। इसके अलावा उसके मोबाइल पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के पीए प्रभाकर मौर्य का विजिटिंग कार्ड व्हाटसएप पर मिला। चालक की गाड़ी के कागजात भी संदिग्ध दिखे। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर मामले की जानकारी अफसरों को दी तो हड़कंप मच गया। आनन-फानन मुख्यमंत्री कार्यालय से संपर्क कर पत्र की हकीकत खंगाली गई तो वह फर्जी निकला। इस पर पुलिस ने फर्जीवाड़ा करने वाले ट्रक मालिक राजवन निवासी मुमताज नगर (थाना क्षेत्र इनायत नगर) फैजाबाद के खिलाफ शुक्रवार को रिपोर्ट दर्ज कर ली।
विज्ञापन