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ट्रेन से गिरने से दरोगा की मौत
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Fri, 12 May 2017 02:10 AM IST
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फतेहपुर जीआरपी में तैनात दरोगा उपेंद्र सिंह तोमर की बुधवार रात ट्रेन से गिरने से मौत हो गई। वह इलाहाबाद से फतेहपुर जा रहे थे। हादसा मनोहरगंज रेलवे स्टेशन के समीप हुआ।
बागपत के बसौली (रताला) निवासी उपेंद्र सिंह तोमर (35) फतेहपुर जीआरपी में उपनिरीक्षक थे। चार दिन पहले फतेहपुर से उनका तबादला हो गया था। बताया जाता है कि इसकी जानकारी होने पर बुधवार को वह इलाहाबाद में राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के अधिकारियों से मिलने गए थे। शाम को कानपुर जाने वाली इंटरसिटी से वह वापस फतेहपुर जा रहे थे।
मनोहरगंज रेलवे स्टेशन के समीप अचानक पता नहीं कैसे वह ट्रेन से नीचे गिर पड़े। इससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। स्थानीय लोगों की सूचना पर कोखराज थाने और मूरतगंज चौकी की पुलिस मौके पर पहुंची। गंभीर हालत में उनको मूरतगंज पीएचसी में भर्ती कराया। मगर देर रात उनकी मौत हो गई। पुलिस ने उनके पर्स में मिले पैनकार्ड व विभाग के आईकार्ड से उनके शव की शिनाख्त की। इसके बाद फतेहपुर और इलाहाबाद जीआरपी को घटना की सूचना दी। इलाहाबाद से आए जीआरपी के अधिकारी शव लेकर चले गए। उपेंद्र मां-बाप की इकलौती संतान थे। उनके माता-पिता की मौत हो चुकी है। एक साल पहले ही उनका विवाह हुआ था। हादसे की खबर मिलने पर पत्नी रेनू रिश्तेदारों के साथ इलाहाबाद पहुंची। पति की मौत से रेनू का रो-रो र बुरा हाल है।
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बागपत के बसौली (रताला) निवासी उपेंद्र सिंह तोमर (35) फतेहपुर जीआरपी में उपनिरीक्षक थे। चार दिन पहले फतेहपुर से उनका तबादला हो गया था। बताया जाता है कि इसकी जानकारी होने पर बुधवार को वह इलाहाबाद में राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के अधिकारियों से मिलने गए थे। शाम को कानपुर जाने वाली इंटरसिटी से वह वापस फतेहपुर जा रहे थे।
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मनोहरगंज रेलवे स्टेशन के समीप अचानक पता नहीं कैसे वह ट्रेन से नीचे गिर पड़े। इससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। स्थानीय लोगों की सूचना पर कोखराज थाने और मूरतगंज चौकी की पुलिस मौके पर पहुंची। गंभीर हालत में उनको मूरतगंज पीएचसी में भर्ती कराया। मगर देर रात उनकी मौत हो गई। पुलिस ने उनके पर्स में मिले पैनकार्ड व विभाग के आईकार्ड से उनके शव की शिनाख्त की। इसके बाद फतेहपुर और इलाहाबाद जीआरपी को घटना की सूचना दी। इलाहाबाद से आए जीआरपी के अधिकारी शव लेकर चले गए। उपेंद्र मां-बाप की इकलौती संतान थे। उनके माता-पिता की मौत हो चुकी है। एक साल पहले ही उनका विवाह हुआ था। हादसे की खबर मिलने पर पत्नी रेनू रिश्तेदारों के साथ इलाहाबाद पहुंची। पति की मौत से रेनू का रो-रो र बुरा हाल है।
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