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अवैध निर्माण बंद कराने पहुंचे राजस्व अफसरों पर पथराव
Sun, 10 Feb 2019 01:49 AM IST
shailendra Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Published by: shailendra Kumar
Updated Sun, 10 Feb 2019 01:49 AM IST
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मंझनपुर। कस्बे के नेहरु नगर मोहल्ले में शनिवार शाम अवैध निर्माण बंद कराने पहुंचे राजस्व अफसरों पर पथराव किया गया। भीड़ से बचने को भागते वक्त नायब तहसीलदार की सांस फूल गई और वह गश खाकर गिर गईं। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पत्थर लगने से तहसीलदार को भी मामूली चोट लगी है। मामले में तहसीलदार की तहरीर पर एक नामजद व 70 अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है।
जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि मंझनपुर कस्बे के नेहरु नगर मोहल्ला निवासी राम सिंह को करीब 13 साल पहले एक भूमि का पट्टा मिला था। फर्जीवाड़े की वजह से लगभग तीन साल पहले पट्टा निरस्त कर दिया गया। फिर मामला एडीएम की कोर्ट में चलने लगा। आरोप है कि प्रकरण अदालत में विचाराधीन होने के बाद भी राम सिंह लगातार विवादित जमीन पर निर्माण कराने की कोशिश कर रहा था। उसने भवन का ढंाचा पहले ही खड़ा कर लिया था। शनिवार सुबह लिंटर डालने लगा।
इसकी भनक लगते ही तहसीलदार बीडी गुप्ता व नायब तहसीलदार तनुजा निगम फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गईं। राजस्व अधिकारियों ने जेसीबी से अवैध निर्माण ढहवाना शुरू कर दिया। यह देख कब्जेदार तथा उसके परिजन, पड़ोसी बिफर पड़े। लगभग 100 की संख्या में इकट्ठा हुई भीड़ ने अफसरों पर पथराव शुरू कर दिया। ऐसे में अधिकारियों के साथ पुलिस वाले भी भागने लगे। भागते वक्त नायब तहसीलदार तनुजा निगम की सांस फूल गई और वह गश खाकर गिर पड़ीं। पुलिस वालों ने आननफानन एम्बुलेंस की मदद से उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया। उधर, हंगामे की सूचना पाकर डीएम, एसपी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
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एसपी के नेतृत्व में अधिकारियों ने आरोपियों के घर दबिश दी। पर कोई पकड़ा नहीं जा सका। घरों में सिर्फ महिलाएं ही मिलीं। करीब छह महिलाओं और दो पुरुषों को हिरासत में ले लिया गया है। अन्य की तलाश की जा रही है। मामले में नगर कोतवाली प्रभारी शंभू दयाल मौर्य का कहना है कि तहसीलदार की तहरीर पर एफआईआर लिखकर आरोपियों की तलाश कराई जा रही है। जल्द ही सभी को पकड़कर जेल भेजा जाएगा।
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जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि मंझनपुर कस्बे के नेहरु नगर मोहल्ला निवासी राम सिंह को करीब 13 साल पहले एक भूमि का पट्टा मिला था। फर्जीवाड़े की वजह से लगभग तीन साल पहले पट्टा निरस्त कर दिया गया। फिर मामला एडीएम की कोर्ट में चलने लगा। आरोप है कि प्रकरण अदालत में विचाराधीन होने के बाद भी राम सिंह लगातार विवादित जमीन पर निर्माण कराने की कोशिश कर रहा था। उसने भवन का ढंाचा पहले ही खड़ा कर लिया था। शनिवार सुबह लिंटर डालने लगा।
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इसकी भनक लगते ही तहसीलदार बीडी गुप्ता व नायब तहसीलदार तनुजा निगम फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गईं। राजस्व अधिकारियों ने जेसीबी से अवैध निर्माण ढहवाना शुरू कर दिया। यह देख कब्जेदार तथा उसके परिजन, पड़ोसी बिफर पड़े। लगभग 100 की संख्या में इकट्ठा हुई भीड़ ने अफसरों पर पथराव शुरू कर दिया। ऐसे में अधिकारियों के साथ पुलिस वाले भी भागने लगे। भागते वक्त नायब तहसीलदार तनुजा निगम की सांस फूल गई और वह गश खाकर गिर पड़ीं। पुलिस वालों ने आननफानन एम्बुलेंस की मदद से उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया। उधर, हंगामे की सूचना पाकर डीएम, एसपी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
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एसपी के नेतृत्व में अधिकारियों ने आरोपियों के घर दबिश दी। पर कोई पकड़ा नहीं जा सका। घरों में सिर्फ महिलाएं ही मिलीं। करीब छह महिलाओं और दो पुरुषों को हिरासत में ले लिया गया है। अन्य की तलाश की जा रही है। मामले में नगर कोतवाली प्रभारी शंभू दयाल मौर्य का कहना है कि तहसीलदार की तहरीर पर एफआईआर लिखकर आरोपियों की तलाश कराई जा रही है। जल्द ही सभी को पकड़कर जेल भेजा जाएगा।