{"_id":"5c378f33bdec22733d44c846","slug":"ten-years-imprisionment-in-the-case-of-murder","type":"story","status":"publish","title_hn":"हत्या के आरोप में एक को दस साल की कैद, जुर्माना","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
हत्या के आरोप में एक को दस साल की कैद, जुर्माना
Fri, 11 Jan 2019 12:00 AM IST
shailendra Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Published by: shailendra Kumar
Updated Fri, 11 Jan 2019 12:00 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मंझनपुर। एडीजे चतुर्थ की अदालत ने गुरुवार को हत्या के एक मामले में आरोपी को दस साल की कठोर सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी पर सात हजार का जुर्माना भी लगाया है। फैसले के बाद अभियुक्त को कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया गया।
अभियोजन के मुताबिक पश्चिमशरीरा थाने के पूरबशरीरा गांव में रहने वाले अभिमन्यु पुत्र सत्यनारायण का पड़ोसी राममिलन पुत्र लक्ष्मीनारायण से जमीन का पुराना विवाद था। इसे लेकर 15 सितंबर 2012 में दोनों के बीच झगड़ा हो गया। इस दौरान राममिलन ने अभिमन्यु को लाठियों से पीट-पीटकर मरणासन्न कर दिया था। बाद में इलाज के दौरान 26 सितंबर को अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी। मृतक के भाई शंकर दयाल ने राममिलन के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज करा दिया था। मुकदमे की विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ कमलेश कुमार पाठक की अदालत में चली। शासकीय अधिवक्ता प्रदीप कुमार मौर्य ने नौ गवाहों को प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों की बहस सुनने व पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद गुरुवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
अभियोजन के मुताबिक पश्चिमशरीरा थाने के पूरबशरीरा गांव में रहने वाले अभिमन्यु पुत्र सत्यनारायण का पड़ोसी राममिलन पुत्र लक्ष्मीनारायण से जमीन का पुराना विवाद था। इसे लेकर 15 सितंबर 2012 में दोनों के बीच झगड़ा हो गया। इस दौरान राममिलन ने अभिमन्यु को लाठियों से पीट-पीटकर मरणासन्न कर दिया था। बाद में इलाज के दौरान 26 सितंबर को अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी। मृतक के भाई शंकर दयाल ने राममिलन के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज करा दिया था। मुकदमे की विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
विज्ञापन
मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ कमलेश कुमार पाठक की अदालत में चली। शासकीय अधिवक्ता प्रदीप कुमार मौर्य ने नौ गवाहों को प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों की बहस सुनने व पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद गुरुवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया।
विज्ञापन