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शराब पीकर तहसील दिवस में पहुंचे फरियादी भेजे गए जेल
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Thu, 08 Dec 2016 12:56 AM IST
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जिला स्तरीय तहसील दिवस का आयोजन बुधवार को सिराथू में हुआ। डीएम व एसपी फरियादियों की शिकायत सुन रहे थे। इस दौरान दो लोग शराब पीकर शिकायत करने पहुंच गए। इससे नाराज डीएम ने उनको जेल भेजवा दिया। साथ ही पान खाकर आने वालों पर पांच सौ रुपया का जुर्माना लगाया। तहसील दिवस में कुल 101 शिकायती पत्र आए। इनमें से पांच का निस्तारण हुआ।
जिलाधिकारी अखंड प्रताप सिंह बुधवार को फरियादियों की शिकायत सुन रहे थे। इसी दौरान दो लोग शराब पीकर शिकायत करने पहुंच गए। शराब की गंध आने पर डीएम ने भड़क गए। दोनों को सैनी पुलिस के हवाले करते हुए कोतवाल को निर्देश दिया कि इनको जेल भेजा जाए। इसके अलावा चार लोगों पर पान खाकर आने के जुर्म में पांच सौ का जुर्माना लगाया गया। डीएम की इस कार्रवाई से फरियादियों के होश उड़ गए। कई कर्मचारी भी सकते में आ गए।
इसके बाद डीएम ने सभी फरियादियों की शिकायत सुनीं। कुल 101 शिकायती पत्र आएं। इनमें से पांच का मौके पर निस्तारण किया गया। डीएम ने मातहत अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देश दिया कि एक महीने से अधिक यदि शिकायती पत्र लंबित रहे तो कार्रवाई की जाएगी। उनका वेतन रोका जाएगा। शिकायतों का निस्तारण होने पर ही वेतन जारी किया जाएगा। राजस्व व पुलिस विभाग के अधिकारियाें को निर्देश दिया कि राजस्व विवाद के मामलों में दोेनों विभाग टीम गठित करें। संयुक्त टीम से जांच कराने के बाद ही कार्रवाई करें। इस कार्रवाई में हीलाहवाली न की जाए और समय पर न्याय करें।
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जिलाधिकारी अखंड प्रताप सिंह बुधवार को फरियादियों की शिकायत सुन रहे थे। इसी दौरान दो लोग शराब पीकर शिकायत करने पहुंच गए। शराब की गंध आने पर डीएम ने भड़क गए। दोनों को सैनी पुलिस के हवाले करते हुए कोतवाल को निर्देश दिया कि इनको जेल भेजा जाए। इसके अलावा चार लोगों पर पान खाकर आने के जुर्म में पांच सौ का जुर्माना लगाया गया। डीएम की इस कार्रवाई से फरियादियों के होश उड़ गए। कई कर्मचारी भी सकते में आ गए।
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इसके बाद डीएम ने सभी फरियादियों की शिकायत सुनीं। कुल 101 शिकायती पत्र आएं। इनमें से पांच का मौके पर निस्तारण किया गया। डीएम ने मातहत अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देश दिया कि एक महीने से अधिक यदि शिकायती पत्र लंबित रहे तो कार्रवाई की जाएगी। उनका वेतन रोका जाएगा। शिकायतों का निस्तारण होने पर ही वेतन जारी किया जाएगा। राजस्व व पुलिस विभाग के अधिकारियाें को निर्देश दिया कि राजस्व विवाद के मामलों में दोेनों विभाग टीम गठित करें। संयुक्त टीम से जांच कराने के बाद ही कार्रवाई करें। इस कार्रवाई में हीलाहवाली न की जाए और समय पर न्याय करें।
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