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बंदी ने दोनों हाथ की काटी नस, गंभीर
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Sun, 16 Apr 2017 12:38 AM IST
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कौशाम्बी
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जिला कारागार में बंद उमरावा गांव के रावेन्द्र कुमार ने शनिवार की दोपहर चाकू से अपने दोनों हाथ की नस काट ली। इससे वह लहूलुहान होकर तड़पने लगा। बंदी की इस हरकत से जेल में अफरा-तफरी मच गई। बंदी को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत नाजुक होने पर बंदी को इलाहाबाद के एसआरएन अस्पताल रेफर कर दिया गया है। रावेंद्र डेढ़ साल पहले पत्नी की हत्या के आरोप में जेल भेजा गया था। मुकदमे में परिजनों की ओर से पैरवी न होने के कारण रावेंद्र नाराज था, इसीलिए उसने यह घटना अंजाम दी।
महेवाघाट कोतवाली क्षेत्र के उमरावा गांव निवासी रावेन्द्र कुमार (27) पुत्र रामदास ने डेढ़ साल पहले पत्नी सरोजा देवी की कत्ल कर दिया था। पत्नी की हत्या के बाद से वह जिला कारागार मेें निरुद्ध है। परिजनों के पैरवी नहीं करने से वह नाराज रहता था। कुछ दिन पहले जेल प्रशासन ने उसे भंडार में भेज दिया। बताया जा रहा है कि शनिवार की दोपहर वह भंडार गृह के पीछे गया और वहां पड़ी पुरानी चाकू में धार लगाने के बाद उसी से अपने दोनों हाथ की नस काट ली। साथी बंदी को खून से लथपथ से देख अन्य बंदियों में हड़कंप मच गया। बंदी रक्षक ने घटना की जानकारी अफसरों को देते हुए घायल को जेल अस्पताल ले गया।
खून बंद न होने से रावेन्द्र की हालत बिगड़ती जा रही थी। आनन-फानन उसे जेल से जिला अस्पताल भेजा गया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने बंदी को इलाहाबाद रेफर कर दिया है। मामले में प्रभारी जेल अधीक्षक आरके सिंह का कहना है कि बंदी मुकदमे की पैरवी नहीं किए जाने को लेकर परिजनों से नाराज चल रहा था। जिसके चलते उसने आत्मघाती कदम उठाया है।
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महेवाघाट कोतवाली क्षेत्र के उमरावा गांव निवासी रावेन्द्र कुमार (27) पुत्र रामदास ने डेढ़ साल पहले पत्नी सरोजा देवी की कत्ल कर दिया था। पत्नी की हत्या के बाद से वह जिला कारागार मेें निरुद्ध है। परिजनों के पैरवी नहीं करने से वह नाराज रहता था। कुछ दिन पहले जेल प्रशासन ने उसे भंडार में भेज दिया। बताया जा रहा है कि शनिवार की दोपहर वह भंडार गृह के पीछे गया और वहां पड़ी पुरानी चाकू में धार लगाने के बाद उसी से अपने दोनों हाथ की नस काट ली। साथी बंदी को खून से लथपथ से देख अन्य बंदियों में हड़कंप मच गया। बंदी रक्षक ने घटना की जानकारी अफसरों को देते हुए घायल को जेल अस्पताल ले गया।
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खून बंद न होने से रावेन्द्र की हालत बिगड़ती जा रही थी। आनन-फानन उसे जेल से जिला अस्पताल भेजा गया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने बंदी को इलाहाबाद रेफर कर दिया है। मामले में प्रभारी जेल अधीक्षक आरके सिंह का कहना है कि बंदी मुकदमे की पैरवी नहीं किए जाने को लेकर परिजनों से नाराज चल रहा था। जिसके चलते उसने आत्मघाती कदम उठाया है।
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