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शिक्षकों को बाहर कर छात्रों ने स्कूल में जड़ा ताला
कौशाम्बी ब्यूरो
Updated Fri, 15 Dec 2017 11:24 PM IST
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आश्रम पद्धति स्कूल शेषा के बच्चों का गुस्सा शुक्रवार सुबह फूट पड़ा। गुस्साए छात्रों ने पठन-पाठन बंद करते हुए सभी स्टाफ को स्कूल से बाहर कर दिया। इसके बाद गेट पर ताला जड़कर धरने पर बैठ गए। छात्र-छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन विंटर ड्रेस न मिलने व अन्य समस्याओं को लेकर किया। देर शाम पहुंचे सीडीओ के समझाने के बाद छात्रों ने गेट खोला तो स्कूल की व्यवस्था बहाल हो सकी।
समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित आश्रम पद्धति विद्यालय शेषा के बच्चों को जाड़े का ड्रेस जूता, मोजा, स्वेटर आदि अभी तक नहीं मिल सका है। ठंड को देखते हुए बच्चों ने कई बार जिला समाज कल्याण अधिकारी से इसकी मांग की। पर, ध्यान नहीं दिया जा रहा था। इसके अलावा सुबह नाश्ते के नाम पर महज एक कप चाय व मेन्यू के मुताबिक भोजन भी नहीं दिया जा रहे हैं। समस्याओं को लेकर छात्र-छात्राओं ने शुक्रवार की सुबह एकराय होकर प्रधानाचार्य मदन मोहन सिंह, अधीक्षक कमलेश मौर्य, सुरक्षा में लगे पीआरडी जवानों व सभी 18 शिक्षकों, रसोइया को परिसर से बाहर निकाल दिया। इसके बाद भूखे-प्यासे बच्चे स्कूल गेट पर बैठ गए।
जानकारी मिलने पर डीपीआरओ कमल किशोर, जिला समाज कल्याण अधिकारी मंजू सोनकर बच्चों को मनाने पहुंचे पर वह डीएम के आने के बाद भी मानने की बात कह रहे थे। इनके बाद एसडीएम सदर विवेक चतुर्वेदी व सीडीओ/प्रभारी डीएम हीरालाल मौके पर पहुंचे। अफसरों ने बच्चों की बातें सुनी और समस्याओं के निस्तारण का भरोसा दिलाया। आश्वासन पर बच्चों ने साढ़े सात बजे शाम विद्यालय गेट का ताला खोला। सीडीओ ने गेट खुलने के बाद अपनी मौजूदगी में भोजन बनवाना शुरू कराया और व्यवस्था पटरी पर आने के बाद लौटे। गेट खुलने के बाद दिनभर स्कूल परिसर से बाहर रहे स्टॉफ ने राहत की सांस ली।
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समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित आश्रम पद्धति विद्यालय शेषा के बच्चों को जाड़े का ड्रेस जूता, मोजा, स्वेटर आदि अभी तक नहीं मिल सका है। ठंड को देखते हुए बच्चों ने कई बार जिला समाज कल्याण अधिकारी से इसकी मांग की। पर, ध्यान नहीं दिया जा रहा था। इसके अलावा सुबह नाश्ते के नाम पर महज एक कप चाय व मेन्यू के मुताबिक भोजन भी नहीं दिया जा रहे हैं। समस्याओं को लेकर छात्र-छात्राओं ने शुक्रवार की सुबह एकराय होकर प्रधानाचार्य मदन मोहन सिंह, अधीक्षक कमलेश मौर्य, सुरक्षा में लगे पीआरडी जवानों व सभी 18 शिक्षकों, रसोइया को परिसर से बाहर निकाल दिया। इसके बाद भूखे-प्यासे बच्चे स्कूल गेट पर बैठ गए।
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जानकारी मिलने पर डीपीआरओ कमल किशोर, जिला समाज कल्याण अधिकारी मंजू सोनकर बच्चों को मनाने पहुंचे पर वह डीएम के आने के बाद भी मानने की बात कह रहे थे। इनके बाद एसडीएम सदर विवेक चतुर्वेदी व सीडीओ/प्रभारी डीएम हीरालाल मौके पर पहुंचे। अफसरों ने बच्चों की बातें सुनी और समस्याओं के निस्तारण का भरोसा दिलाया। आश्वासन पर बच्चों ने साढ़े सात बजे शाम विद्यालय गेट का ताला खोला। सीडीओ ने गेट खुलने के बाद अपनी मौजूदगी में भोजन बनवाना शुरू कराया और व्यवस्था पटरी पर आने के बाद लौटे। गेट खुलने के बाद दिनभर स्कूल परिसर से बाहर रहे स्टॉफ ने राहत की सांस ली।
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