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अलाव की चिंगारी से गृहस्थी स्वाहा
ब्यूरो/ अमर उजाला, कौशाम्बी
Updated Sat, 13 Dec 2014 12:18 AM IST
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अटसराय। सैनी कोतवाली क्षेत्र के अटसरई गांव में शुक्रवार की सुबह अलाव की चिंगारी से एक घर में आग लग गई। इससे कपड़े, बर्तन, बिस्तर, गहने, नगदी समेत लाखों रुपये का सामान जल गया। चीख-पुकार पर घर से उठती लपटें देख गांव में अफरातफरी मच गई। गांववालों ने करीब दो घंटे की मेहनत के बाद आग पर काबू पाया।
सैनी कोतवाली क्षेत्र के अटसरई गांव निवासी कृष्णपाल पुत्र बाबूलाल किसान हैं। उसने बताया कि शुक्रवार की सुबह वह परिवार के साथ वह छप्पर के नीचे बैठकर अलाव ताप रहा था। वहां से उठकर वह जानवरों को चारा देने के लिए पशुशाला चला गया था। घर के अन्य सदस्य भी घरेलू कार्य में लग गए। इसी बीच अलाव की चिंगारी से छप्पर के ऊपर गिर गई। इससे छप्पर में आग लग गई। छप्पर के साथ ही लपटों ने उसके पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया। घर में आग लगने पर चीखते-चिल्लाते घरवाले जान बचाकर बाहर को भागे।
चीख-पुकार और घर से उठती लपटें देख गांव में अफरातफरी मच गई। मौके पर गांववालों की भीड़ जमा हो गई। ग्रामीण आग बुझाने में जुटे। करीब दो घंटे की कड़ी मेहनत के बाद गांववाले आग पर काबू पा सके। हालांकि जब तक लोग आग बुझा पाते। पूरा मकान जल चुका था। साथ ही लपटों की चपेट में आने से कपड़े, बिस्तर, अनाज, बर्तन, गहने, पैसे समेत गृहस्थी का सारा सामान खाक हो गया। भुक्तभोगी के मुताबिक आग लगने से उसे लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं जाड़े के मौसम में पूरा परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को भी मजबूर है।
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सैनी कोतवाली क्षेत्र के अटसरई गांव निवासी कृष्णपाल पुत्र बाबूलाल किसान हैं। उसने बताया कि शुक्रवार की सुबह वह परिवार के साथ वह छप्पर के नीचे बैठकर अलाव ताप रहा था। वहां से उठकर वह जानवरों को चारा देने के लिए पशुशाला चला गया था। घर के अन्य सदस्य भी घरेलू कार्य में लग गए। इसी बीच अलाव की चिंगारी से छप्पर के ऊपर गिर गई। इससे छप्पर में आग लग गई। छप्पर के साथ ही लपटों ने उसके पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया। घर में आग लगने पर चीखते-चिल्लाते घरवाले जान बचाकर बाहर को भागे।
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चीख-पुकार और घर से उठती लपटें देख गांव में अफरातफरी मच गई। मौके पर गांववालों की भीड़ जमा हो गई। ग्रामीण आग बुझाने में जुटे। करीब दो घंटे की कड़ी मेहनत के बाद गांववाले आग पर काबू पा सके। हालांकि जब तक लोग आग बुझा पाते। पूरा मकान जल चुका था। साथ ही लपटों की चपेट में आने से कपड़े, बिस्तर, अनाज, बर्तन, गहने, पैसे समेत गृहस्थी का सारा सामान खाक हो गया। भुक्तभोगी के मुताबिक आग लगने से उसे लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं जाड़े के मौसम में पूरा परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को भी मजबूर है।
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