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रोही ओवरब्रिज में मौत के कुआं से होकर गुजरते हैं मुसाफिर
Tue, 04 Jun 2019 12:45 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 04 Jun 2019 12:45 AM IST
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जिला मुख्यालय मंझनपुर को नेशनल हाइवे से जोड़ने में अहम भूमिका निभाने वाला रोही ओवरब्रिज कभी भी बड़े हादसे का सबब बन सकता है। दो साल पहले चालू हुए पुल पर करीब चार फीट सड़क धंस कर नीचे गिर चुकी है। ऐसे में यह पुल राहगीरों के लिए मौत का कुआं साबित हो रहा है। सारा दिन अफसर इसी पुल से आते-जाते हैं लेकिन समस्या की तरफ किसी का ध्यान नहीं जा रहा है।
मंझनपुर कस्बे से भरवारी होते मूरतगंज में हाइवे मिलता है। पहले यहां के लोग भरवारी रेलवे फाटक होते हुए हाइवे पहुंचते थे। दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग पर भरवारी में क्रासिंग पर जाम के कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। लोगों की समस्या को देखते हुए सपा सरकार ने भरवारी के बगल रोही में रेलवे लाइन पर ओवरब्रिज बनाने का फैसला लिया। इसके कारण लोगों को जाम से जहां निजात मिली वहीं समय की भी बचत होने लगी। इस पुल के निर्माण की स्वीकृति वर्ष 2014 में हुई थी। 37 करोड़ 12 लाख की लागत से बनने वाले पुल के निर्माण का जिम्मा सेतू निगम को दिया गया था। इसके अलावा सड़क निर्माण का कार्य लोक निर्माण विभाग ने कराया। इस पुल के बनने से जिला मुख्यालय को हाईवे से जोड़ने वाली प्रदेश सरकार की योजना साकार हो गई। वर्ष 2017 में भाजपा सरकार बनने से पहले सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पुल का औचचारिक लोकापर्ण कर दिया था।
हालांकि, उस दौरान रेलवे लाइन के ऊपर का कार्य चल रहा था। पुल तैयार होने पर 30 जनवरी 2018 को प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव मौर्या ने इसका विधिवत उद्घाटन किया था। महज डेढ़ साल के भीतर पुल की खामियां उजागर होने लगी। सोमवार को पुल पर चार फीट सड़क धंस कर नीचे गिर गई। इसकी वजह से वाहन साइड से गुजरने लगे। घटना की जानकारी पर एसडीएम चायल घनश्याम, सीओ सिराथू रामवीर सिंह भी मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने बताया कि जिलाधिकारी को खबर कर दिया गया है।
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पुल पर सड़क धंसी है। सरिया दिखाई दे रही है और सड़क की गिट्टी व डामर आदि नीचे गिर चुका है। अफसरों की सूचना दिया गया है। फिलहाल जहां पर सड़क धंसी है वहां मिट्टी डालकर बैरीकेटिंग करा दिया गया है। सेतु निगम के अफसरों ने भी आने के लिए कहा है।
आरके शर्मा, इंस्पेक्टर कोखराज
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मंझनपुर कस्बे से भरवारी होते मूरतगंज में हाइवे मिलता है। पहले यहां के लोग भरवारी रेलवे फाटक होते हुए हाइवे पहुंचते थे। दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग पर भरवारी में क्रासिंग पर जाम के कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। लोगों की समस्या को देखते हुए सपा सरकार ने भरवारी के बगल रोही में रेलवे लाइन पर ओवरब्रिज बनाने का फैसला लिया। इसके कारण लोगों को जाम से जहां निजात मिली वहीं समय की भी बचत होने लगी। इस पुल के निर्माण की स्वीकृति वर्ष 2014 में हुई थी। 37 करोड़ 12 लाख की लागत से बनने वाले पुल के निर्माण का जिम्मा सेतू निगम को दिया गया था। इसके अलावा सड़क निर्माण का कार्य लोक निर्माण विभाग ने कराया। इस पुल के बनने से जिला मुख्यालय को हाईवे से जोड़ने वाली प्रदेश सरकार की योजना साकार हो गई। वर्ष 2017 में भाजपा सरकार बनने से पहले सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पुल का औचचारिक लोकापर्ण कर दिया था।
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हालांकि, उस दौरान रेलवे लाइन के ऊपर का कार्य चल रहा था। पुल तैयार होने पर 30 जनवरी 2018 को प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव मौर्या ने इसका विधिवत उद्घाटन किया था। महज डेढ़ साल के भीतर पुल की खामियां उजागर होने लगी। सोमवार को पुल पर चार फीट सड़क धंस कर नीचे गिर गई। इसकी वजह से वाहन साइड से गुजरने लगे। घटना की जानकारी पर एसडीएम चायल घनश्याम, सीओ सिराथू रामवीर सिंह भी मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने बताया कि जिलाधिकारी को खबर कर दिया गया है।
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पुल पर सड़क धंसी है। सरिया दिखाई दे रही है और सड़क की गिट्टी व डामर आदि नीचे गिर चुका है। अफसरों की सूचना दिया गया है। फिलहाल जहां पर सड़क धंसी है वहां मिट्टी डालकर बैरीकेटिंग करा दिया गया है। सेतु निगम के अफसरों ने भी आने के लिए कहा है।
आरके शर्मा, इंस्पेक्टर कोखराज