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दो हजार न देने पर चार का काटा चालान
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Fri, 15 Jul 2016 12:51 AM IST
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पिपरी थाने के मकदूमपुर चौकी इंचार्ज ने बृहस्पतिवार की सुबह गजब कारनामा कर दिखाया। दो महिलाओं के मामूली विवाद में चौकी इंचार्ज ने एक पक्ष के चार लोगों का चालान कर दिया। खास बात यह है कि जिस महिला से विवाद हुआ उसका नाम चालान में शामिल नहीं है। पुलिस की कार्यशैली से पीड़ित हैरान-परेशान हैं।
पिपरी थाने के असरावल खुर्द गांव की शाफिया बीबी पत्नी फक्कू बृहस्पतिवार को एक व्यक्ति के यहां झाड़फूंक कराने गई थी। वहीं पर गांव की रीता देवी पत्नी शिवलाल भी अपनी बेटी को लेकर गई थी। इस दौरान शाफिया बीबी ने रीता की बेटी को सात रुपये दे दिए। इसकी जानकारी रीता को हुई तो वह टोटका मानकर झगड़ने लगी। इस पर साफिया ने उसे दो चाटा मार दिया। मौके पर मौजूद साफिया के भाई इस्लाम ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। घटना के बाद रीता मकदूमपुर चौकी पहुंची और पुलिस को तहरीर दी।
आरोप है कि चौकी इंचार्ज ने आरोपियों को बुलाया। चौकी पहुंचे आरोपियों से पुलिस दो हजार रुपये लेकर छोड़ने की बात कहने लगी। इस पर आरोपियों ने पैसा देने से मना कर दिया। पैसा न मिलने पर नाराज चौकी इंचार्ज ने इस्लाम, उसकी पत्नी, मां और साफिया के पति फक्कू के खिलाफ लिखापढ़ी कर 151 में चालान कर दिया। पूरे घटनाक्रम में खास बात यह रही कि जिस साफिया से रीता का झगड़ा हुआ था उसके खिलाफ पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। ऐसे में दोआबा की पुलिस कितनी न्यायप्रिय है सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
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पिपरी थाने के असरावल खुर्द गांव की शाफिया बीबी पत्नी फक्कू बृहस्पतिवार को एक व्यक्ति के यहां झाड़फूंक कराने गई थी। वहीं पर गांव की रीता देवी पत्नी शिवलाल भी अपनी बेटी को लेकर गई थी। इस दौरान शाफिया बीबी ने रीता की बेटी को सात रुपये दे दिए। इसकी जानकारी रीता को हुई तो वह टोटका मानकर झगड़ने लगी। इस पर साफिया ने उसे दो चाटा मार दिया। मौके पर मौजूद साफिया के भाई इस्लाम ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। घटना के बाद रीता मकदूमपुर चौकी पहुंची और पुलिस को तहरीर दी।
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आरोप है कि चौकी इंचार्ज ने आरोपियों को बुलाया। चौकी पहुंचे आरोपियों से पुलिस दो हजार रुपये लेकर छोड़ने की बात कहने लगी। इस पर आरोपियों ने पैसा देने से मना कर दिया। पैसा न मिलने पर नाराज चौकी इंचार्ज ने इस्लाम, उसकी पत्नी, मां और साफिया के पति फक्कू के खिलाफ लिखापढ़ी कर 151 में चालान कर दिया। पूरे घटनाक्रम में खास बात यह रही कि जिस साफिया से रीता का झगड़ा हुआ था उसके खिलाफ पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। ऐसे में दोआबा की पुलिस कितनी न्यायप्रिय है सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
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