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खुली निविदाओं को लेकर ऊहापोह में बालू कारोबारी
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Sun, 15 Oct 2017 01:42 AM IST
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जिले में खुले 11 बालू घाटों के टेंडर को लेकर कारोबारियों में संशय बरकरार है। इन घाटों का आवंटन कर दिया जाएगा या री-टेंडरिंग कराई जाएगी। इसे लेकर कारोबारी परेशान हैं। फिलहाल डीएम ने खुले टेंडरों की पत्रावली तलब कर जांच शुरू कर दी है। एक-दो दिन के भीतर तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।
इस साल जिले में बालू घाटों की ई-टेंडरिंग एमएसटीसी संस्था द्वारा कराई गई थी। संस्था का मानना था कि प्रत्येक घाट के पांच बड़े टेंडरदाताओं के बीच ऑनलाइन बोली कराकर घाटों का आवंटन किया जाएगा। चार दिन पहले टेंडर ओपेन हुआ तो संस्था सकते में आ गई। 11 बालू घाटों पर महज एक-एक टेंडर ही पाए गए जबकि दो बालू घाटों पर दो-दो टेंडर पड़े हैं। दो-दो टेंडर वाले घाटों पर तो एमएसटीसी द्वारा ऑनलाइन बोली लगवाई जाएगी पर एक-एक टेंडर वाले घाटों पर बोली नहीं हो सकेगी। ऐसे में गेम प्रशासन के पाले में जाता दिख रहा है। अब डीएम द्वारा एक-एक टेंडर वाले बालू घाटों का आवंटन किया जाएगा या रि-टेंडरिंग कराई जाएगी। इसे लेकर संशय की स्थिति बनी है।
शनिवार शाम डीएम मनीष कुमार वर्मा ने खुले पट्टों की पत्रावली खनन निरीक्षक से तलब कर ली है। माना जा रहा है कि एक-दो दिन के भीतर डीएम मामले का निस्तारण कर देंगे। इसे लेकर कारोबारियों में उहापोह मचा है। बहरहाल एक-एक टेंडर वाले बालू घाटों पर रि-टेंडरिंग कराई गई तो मिला हुआ घाट कारोबारियों के हाथों से निकलना तय है। पिछली बार ई-टेंडरिंग में चूके कारोबारी इस बार टेंडर लेने के लिए तैयार बैठे हैं।
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इस साल जिले में बालू घाटों की ई-टेंडरिंग एमएसटीसी संस्था द्वारा कराई गई थी। संस्था का मानना था कि प्रत्येक घाट के पांच बड़े टेंडरदाताओं के बीच ऑनलाइन बोली कराकर घाटों का आवंटन किया जाएगा। चार दिन पहले टेंडर ओपेन हुआ तो संस्था सकते में आ गई। 11 बालू घाटों पर महज एक-एक टेंडर ही पाए गए जबकि दो बालू घाटों पर दो-दो टेंडर पड़े हैं। दो-दो टेंडर वाले घाटों पर तो एमएसटीसी द्वारा ऑनलाइन बोली लगवाई जाएगी पर एक-एक टेंडर वाले घाटों पर बोली नहीं हो सकेगी। ऐसे में गेम प्रशासन के पाले में जाता दिख रहा है। अब डीएम द्वारा एक-एक टेंडर वाले बालू घाटों का आवंटन किया जाएगा या रि-टेंडरिंग कराई जाएगी। इसे लेकर संशय की स्थिति बनी है।
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शनिवार शाम डीएम मनीष कुमार वर्मा ने खुले पट्टों की पत्रावली खनन निरीक्षक से तलब कर ली है। माना जा रहा है कि एक-दो दिन के भीतर डीएम मामले का निस्तारण कर देंगे। इसे लेकर कारोबारियों में उहापोह मचा है। बहरहाल एक-एक टेंडर वाले बालू घाटों पर रि-टेंडरिंग कराई गई तो मिला हुआ घाट कारोबारियों के हाथों से निकलना तय है। पिछली बार ई-टेंडरिंग में चूके कारोबारी इस बार टेंडर लेने के लिए तैयार बैठे हैं।
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