{"_id":"e2e03acd58b0f7b7bf6d800292d27519","slug":"kaushambi-news-hindi-news-57","type":"story","status":"publish","title_hn":"कातिल पिता और उसके तीन पुत्रों को उम्रकैद","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
कातिल पिता और उसके तीन पुत्रों को उम्रकैद
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
Updated Tue, 21 Apr 2015 12:20 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जमीन विवाद में वर्ष 2009 में चकथाम्बा गांव में हुए परऊ हत्याकांड के मामले में सोमवार को अदालत ने गांव के ही देवशरण और उसके तीन बेटों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही सभी अभियुक्तों पर 12-12 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी (फौजदारी) त्रिलोकीचंद्र केसरवानी के मुताबिक मंझनपुर कोतवाली क्षेत्र के चकथाम्बा गांव के परऊ का गांव के ही देवशरण से जमीन कब्जे को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद को लेकर 30 जून 2009 की सुबह करीब 6.30 बजे दोनों पक्षों में झगड़ा हो गया।
कहासुनी के दौरान देवशरण और उसके बेटों में लाठी-डंडे और कुल्हाड़ी से हमला करके परऊ, उसकी पत्नी महरजिया, बेटे और बहू को घायल कर दिया। गंभीर रूप से घायल परऊ को परिजन लेकर अस्पताल जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही मौत हो गई। इस मामले में मृतक परऊ के बेेटे वीरन की तहरीर पर मंझनपुर कोतवाली पुलिस ने देवशरण और उसके बेटों लल्लू उर्फ देवराज, खन्ना उर्फ श्यामराज, कमलेश के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की।
पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद आरोपपत्र तैयार करके अदालत में प्रस्तुत किया। हत्या का यह मुकदमा अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में चला। अभियोजन और बचाव पत्र के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश संजय कुमार मलिक ने देवशरण और उनके तीनों बेटों लल्लू, खन्ना और कमलेश को हत्या का दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही विभिन्न धाराओं में 12-12 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड नहीं देने पर 6 महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
कहासुनी के दौरान देवशरण और उसके बेटों में लाठी-डंडे और कुल्हाड़ी से हमला करके परऊ, उसकी पत्नी महरजिया, बेटे और बहू को घायल कर दिया। गंभीर रूप से घायल परऊ को परिजन लेकर अस्पताल जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही मौत हो गई। इस मामले में मृतक परऊ के बेेटे वीरन की तहरीर पर मंझनपुर कोतवाली पुलिस ने देवशरण और उसके बेटों लल्लू उर्फ देवराज, खन्ना उर्फ श्यामराज, कमलेश के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की।
विज्ञापन
पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद आरोपपत्र तैयार करके अदालत में प्रस्तुत किया। हत्या का यह मुकदमा अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में चला। अभियोजन और बचाव पत्र के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश संजय कुमार मलिक ने देवशरण और उनके तीनों बेटों लल्लू, खन्ना और कमलेश को हत्या का दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही विभिन्न धाराओं में 12-12 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड नहीं देने पर 6 महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
विज्ञापन