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सात दिन में नहीं बना हैंडपंप तो नपेंगे पंचायत सचिव
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Fri, 14 Apr 2017 12:45 AM IST
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पेयजल संकट से जूझ रहे ग्रामीणों को सरकार ने बड़ी राहत दी है। ठप इंडिया मार्का हैंडपंपों को अब ग्राम पंचायतें चालू कराएंगी। इसके लिए ग्राम पंचायतें चौदहवें वित्त आयोग व राज्य वित्त से रुपये खर्च कर सकती हैं। शासन ने इसकी हरी झंडी देते हुए अधिकारियों को चेतावनी दी है कि यदि अब सात दिन से ज्यादा किसी गांव में हैंडपंप ठप मिला तो संबंधित ग्राम पंचायत अधिकारी के खिलाफ वह दंडात्मक कार्रवाई करें।
जिले में लगभग 25 हजार इंडिया मार्का हैंडपंप लगे हैं। इनमें से पांच हजार से ज्यादा इंडिया मार्का हैंडपंप ठप चल रहे हैं। रीबोरिंग की समस्या से यह पानी नहीं उगल रहे हैं। भीषण गर्मी में गांव-गांव पेयजल संकट है। लोगों को पानी के लिए मारामारी करनी पड़ रही है। चिलचिलाती धूप में लोग हैंडपंप पर लाइन लगाते हैं। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने हैंडपंपों को जल्द से जल्द दुरुस्त कराने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों के हवाले कर दी है। अपर मुख्य सचिव चंचल कुमार तिवारी ने सूबे के सभी मंडल उपनिदेशक (पंचायती राज) व जिला पंचायत राज अधिकारियों को बुधवार को निर्देश जारी किया है कि गांवों में पेयजल की समस्या है। गांवों में स्थापित इंडिया मार्का हैंडपंपों की वह चौदहवें वित्त आयोग व राज्य वित्त से मरम्मत करवाएं। अपर मुख्य सचिव ने ग्राम पंचायत की परिसंपत्तियों के रख रखाव के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध है। अधिकारियों को चेतावनी भी दी है कि अब यदि हैंडपंप खराब होते हैं तो उन्हें तीन दिन के भीतर ग्राम पंचायतें बनवाएं। यदि सात दिन से ज्यादा किसी गांव में हैंडपंप खराब रहे और शिकायत होती है तो संबंधित ग्राम पंचायत अधिकारी के खिलाफ वह दंडात्मक कार्रवाई करें।
जिले में लगभग 25 हजार इंडिया मार्का हैंडपंप लगे हैं। इनमें से पांच हजार से ज्यादा इंडिया मार्का हैंडपंप ठप चल रहे हैं। रीबोरिंग की समस्या से यह पानी नहीं उगल रहे हैं। भीषण गर्मी में गांव-गांव पेयजल संकट है। लोगों को पानी के लिए मारामारी करनी पड़ रही है। चिलचिलाती धूप में लोग हैंडपंप पर लाइन लगाते हैं। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने हैंडपंपों को जल्द से जल्द दुरुस्त कराने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों के हवाले कर दी है। अपर मुख्य सचिव चंचल कुमार तिवारी ने सूबे के सभी मंडल उपनिदेशक (पंचायती राज) व जिला पंचायत राज अधिकारियों को बुधवार को निर्देश जारी किया है कि गांवों में पेयजल की समस्या है। गांवों में स्थापित इंडिया मार्का हैंडपंपों की वह चौदहवें वित्त आयोग व राज्य वित्त से मरम्मत करवाएं। अपर मुख्य सचिव ने ग्राम पंचायत की परिसंपत्तियों के रख रखाव के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध है। अधिकारियों को चेतावनी भी दी है कि अब यदि हैंडपंप खराब होते हैं तो उन्हें तीन दिन के भीतर ग्राम पंचायतें बनवाएं। यदि सात दिन से ज्यादा किसी गांव में हैंडपंप खराब रहे और शिकायत होती है तो संबंधित ग्राम पंचायत अधिकारी के खिलाफ वह दंडात्मक कार्रवाई करें।
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