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ग्राम सभा एवं सरकारी भूमि पर बने हुए हैं स्कूल भवन
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Sun, 26 Jun 2016 12:21 AM IST
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शिक्षा मंडी के रूप में बदनाम क्षेत्र के कतिपय शिक्षा माफियाओं के सामने फिर से संकट का पहाड़ फूटने वाला है। पूर्व में जांच के दौरान सरकारी भूमि एवं ग्राम सभा की भूमि पर बने वित्त विहीन शिक्षण संस्थाओं की सूची बाहर निकल आई है। इस पर नए सिरे से जांच शुरू होने के साथ गाज गिराने की तैयारी है।
शिक्षा जगत में कौशाम्बी को शिक्षा मंडी के रूप जाना जाता है। इसी क्रम में सिराथू क्षेत्र में भी वित्त विहीन शिक्षक संस्थाओं की भरमार है। क्षेत्र के शिक्षा माफियाओं ने फायदे का धंधा देख फर्जीवाड़े तरीके से मान्यता लेने में जरा सा भी संकोच नहीं किया है। तत्कालीन डीएम सतेंद्र सिंह ने अपने कार्यकाल में ऐसे शिक्षण संस्थाओं की जांच कराई थी। पर, कार्रवाई के नाम पर ख्ेाल होने के बाद डीएम ने उस रिपोर्ट को रद्दी टोकरी मेें डाल दिया था।
डीएम अखंड प्रताप सिंह ने इस पुरानी जांच रिपोर्ट को फिर से बाहर निकलवा लिया है। जानकारों का कहना है कि डीएम ने सरकारी एवं ग्राम सभा की भूमि पर बने शिक्षण संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए नए सिरे से जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। बताते हैं कि सिराथू क्षेत्र में 20 विद्यालय पकड़े गए थे, जो ग्राम सभा एवं सरकारी भूमि पर बने हुए हैं। सूत्रों का कहना है कि इस बार जांच के लिए 1359 फसली के खसरा को आधार मानते हुए खतौनी से विद्यालयोें की प्रविष्टि की जांच करा स्वप्रेरणा से निरस्त किए जाने की तैयारी है।
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स्थानीय राजस्व अधिकारियों ने शिक्षा माफियों के स्कूल के नाम दर्ज भूमि को निरस्त कर सरकारी खाते में दर्ज कर डीएम को रिपोर्ट करना है। इसके बाद विद्यालय की मान्यता आहरित किए जाने की कार्रवाई भी प्रस्तावित है।
उधर नकल मंडी के शिक्षा माफियाओं के खिलाफ जिला प्रशासन का अभियान शुरू किए जाने से हड़कंप मच गया है। पर, क्षेत्र के शिक्षा माफियाओं को उम्मीद है कि हर बार कर तरह आने वाला तूफान थम जाएगा।
फकीर बक्स का पूरा मजरा कोखराज में ज्योतिबा राव फुले जूहा बना हुआ है। यह विद्यालय इमारती लकड़ी के लिए आरक्षित जंगल में अवैध रूप से कब्जा कर बना लिया गया है। इसी कारण पूरा जंगल वीरान हो गया है।
केएन उ.मा. अल्पी का पुरवा मजरा रामपुर धमांवा गाटा तालाब की भूमि पर बना हुआ है। यह भूमि राजस्व अभिलेख में बतौर तालाब दर्ज है।
एमके उ.मा. बचानी का पुरवा, इंद्रपाल शर्मा उ.मा. नांदेमई, गुलाब सिंह इं कालेज भवानीपुर जुबरा, नथन सिंह इं कालेज जुबरा, सुशीला देवी राम सजीवन हायर सेकेंडरी परई खागल स्कूल पट्टे की भूमि पर बने हुए हैं।
सिराथू में 20 से अधिक विद्यालय हैं जो सरकारी भूमि पर बने हुए हैं। उनकी सूची तैयार की जा रही है। उनके भी खिलाफ कार्रवाई होगी।
शिव मूर्ति द्विवेदी एडीजीसी राजस्व
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शिक्षा जगत में कौशाम्बी को शिक्षा मंडी के रूप जाना जाता है। इसी क्रम में सिराथू क्षेत्र में भी वित्त विहीन शिक्षक संस्थाओं की भरमार है। क्षेत्र के शिक्षा माफियाओं ने फायदे का धंधा देख फर्जीवाड़े तरीके से मान्यता लेने में जरा सा भी संकोच नहीं किया है। तत्कालीन डीएम सतेंद्र सिंह ने अपने कार्यकाल में ऐसे शिक्षण संस्थाओं की जांच कराई थी। पर, कार्रवाई के नाम पर ख्ेाल होने के बाद डीएम ने उस रिपोर्ट को रद्दी टोकरी मेें डाल दिया था।
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डीएम अखंड प्रताप सिंह ने इस पुरानी जांच रिपोर्ट को फिर से बाहर निकलवा लिया है। जानकारों का कहना है कि डीएम ने सरकारी एवं ग्राम सभा की भूमि पर बने शिक्षण संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए नए सिरे से जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। बताते हैं कि सिराथू क्षेत्र में 20 विद्यालय पकड़े गए थे, जो ग्राम सभा एवं सरकारी भूमि पर बने हुए हैं। सूत्रों का कहना है कि इस बार जांच के लिए 1359 फसली के खसरा को आधार मानते हुए खतौनी से विद्यालयोें की प्रविष्टि की जांच करा स्वप्रेरणा से निरस्त किए जाने की तैयारी है।
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स्थानीय राजस्व अधिकारियों ने शिक्षा माफियों के स्कूल के नाम दर्ज भूमि को निरस्त कर सरकारी खाते में दर्ज कर डीएम को रिपोर्ट करना है। इसके बाद विद्यालय की मान्यता आहरित किए जाने की कार्रवाई भी प्रस्तावित है।
उधर नकल मंडी के शिक्षा माफियाओं के खिलाफ जिला प्रशासन का अभियान शुरू किए जाने से हड़कंप मच गया है। पर, क्षेत्र के शिक्षा माफियाओं को उम्मीद है कि हर बार कर तरह आने वाला तूफान थम जाएगा।
फकीर बक्स का पूरा मजरा कोखराज में ज्योतिबा राव फुले जूहा बना हुआ है। यह विद्यालय इमारती लकड़ी के लिए आरक्षित जंगल में अवैध रूप से कब्जा कर बना लिया गया है। इसी कारण पूरा जंगल वीरान हो गया है।
केएन उ.मा. अल्पी का पुरवा मजरा रामपुर धमांवा गाटा तालाब की भूमि पर बना हुआ है। यह भूमि राजस्व अभिलेख में बतौर तालाब दर्ज है।
एमके उ.मा. बचानी का पुरवा, इंद्रपाल शर्मा उ.मा. नांदेमई, गुलाब सिंह इं कालेज भवानीपुर जुबरा, नथन सिंह इं कालेज जुबरा, सुशीला देवी राम सजीवन हायर सेकेंडरी परई खागल स्कूल पट्टे की भूमि पर बने हुए हैं।
सिराथू में 20 से अधिक विद्यालय हैं जो सरकारी भूमि पर बने हुए हैं। उनकी सूची तैयार की जा रही है। उनके भी खिलाफ कार्रवाई होगी।
शिव मूर्ति द्विवेदी एडीजीसी राजस्व