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विकास कार्यों के नाम पर 50 लाख का घोटाला!
Sat, 09 Feb 2019 12:42 AM IST
shailendra Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Published by: shailendra Kumar
Updated Sat, 09 Feb 2019 12:42 AM IST
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मंझनपुर। कड़ा ब्लॉक की अफजलपुर सातों ग्राम सभा में विकास कार्यों के नाम पर कथित तौर पर करीब 50 लाख रुपये का घोटाला किया गया है। इसकी जानकारी होने पर ग्रामीण बिफर पड़े। शुक्रवार को गांव वालों ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया और डीएम से शिकायत करके कार्रवाई की मांग की। चेताया कि मांग पूरी नहीं होने पर बेमियादी आंदोलन किया जाएगा।
अफजलपुर सातों निवासी वीर बहादुर सिंह, सुनील कुमार मिश्रा, अवधेश सिंह, रामलाल, प्रताप सिंह आदि ने बताया कि प्रधान और सेक्रेटरी मनमानी की हद पार किए हुए हैं। सांठगांठ करके सरकारी नौकरी करने वालों को शौचालय का लाभ दे दिया गया है। जबकि पात्र दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। नाली, सड़क, खड़ंजा, इंटरलॉकिंग से लेकर अन्य सभी विकास कार्यों में मानक की अनदेखी की गई है। कई काम कागजों पर कराकर धन निकाल लिया गया है।
ग्रामीणों की मानें तो कागजों में करीब 50 लाख रुपये से विकास कराया गया है, जो जमीन पर कहीं भी दिख नहीं रहा है। यह भी बताया कि गांव में तैनात लेखपाल भी बेपरवाह है। वह मनमाने तरीके से किसी का खेल किसी के हिस्से में नाप देता है। इसे लेकर अक्सर झगड़े की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। गांव वालों का कहना है कि पूर्व में सेक्रेटरी को भ्रष्टाचार के आरोप में सस्पेंड किया जा चुका है। बाद में अधिकारियों से सांठगांठ करके वह बहाल हो गया। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने सीडीओ को आरोपों की जांच कराकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
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अफजलपुर सातों निवासी वीर बहादुर सिंह, सुनील कुमार मिश्रा, अवधेश सिंह, रामलाल, प्रताप सिंह आदि ने बताया कि प्रधान और सेक्रेटरी मनमानी की हद पार किए हुए हैं। सांठगांठ करके सरकारी नौकरी करने वालों को शौचालय का लाभ दे दिया गया है। जबकि पात्र दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। नाली, सड़क, खड़ंजा, इंटरलॉकिंग से लेकर अन्य सभी विकास कार्यों में मानक की अनदेखी की गई है। कई काम कागजों पर कराकर धन निकाल लिया गया है।
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ग्रामीणों की मानें तो कागजों में करीब 50 लाख रुपये से विकास कराया गया है, जो जमीन पर कहीं भी दिख नहीं रहा है। यह भी बताया कि गांव में तैनात लेखपाल भी बेपरवाह है। वह मनमाने तरीके से किसी का खेल किसी के हिस्से में नाप देता है। इसे लेकर अक्सर झगड़े की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। गांव वालों का कहना है कि पूर्व में सेक्रेटरी को भ्रष्टाचार के आरोप में सस्पेंड किया जा चुका है। बाद में अधिकारियों से सांठगांठ करके वह बहाल हो गया। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने सीडीओ को आरोपों की जांच कराकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
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