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जिला कारागार में बंदी की मौत
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Sun, 09 Apr 2017 12:37 AM IST
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जिला कारागार में शनिवार सुबह बंदी मोहम्मद अहमद निवासी सोनारन टोला (करारी) की शनिवार की सुबह मौत हो गई। बंदी का जिला जेल के अस्पताल में 18 मार्च से इलाज चल रहा था। पांच दिन से वह अस्पताल में भर्ती था। बंदी की मौत होने की अधिकारियों को जानकारी देकर प्रभारी जेल अधीक्षक ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। बंदी की मौत की खबर परिजनों को मिली तो हाहाकार मच गया।
करारी कस्बे के सोनारन टोला निवासी मोहम्मद अहमद (30) पुत्र मोहम्मद शफी चार साल पहले मुंबई में रहकर सिलाई का काम करता था। तीन साल पहले वह घर लौटा। इसके बाद दोबारा मुंबई नहीं गया। इसके बाद वह स्थानीय कस्बे के एक युवक के साथ मिल चोरी, लूट जैसी घटनाओं को अंजाम देने लगा। इलाहाबाद समेत कई जिलों में मोहम्मद के खिलाफ संगीन मामले दर्ज हैं। 20 सितंबर 2014 को कोखराज पुलिस ने मोहम्मद अहमद को गिरफ्तार करते हुए जेल भेज दिया था। 18 मार्च को अचानक तबियत खराब होने पर उसे जिला कारागार के अस्पताल में भर्ती करा दिया गया था। इसके बाद हालत में सुधार नहीं होने पर 3 अप्रैल को उपचार के लिए जिला अस्पताल भी ले जाया गया था।
शनिवार की सुबह मोहम्मद अहमद की इलाज के दौरान मौत हो गई। बंदी के मौत की खबर सुनते ही जिला कारागार में हड़कंप मच गया। प्रभारी जेल अधीक्षक आरके सिंह मौके पर पहुंचे। जांच-पड़ताल के बाद जेल प्रशासन ने घटना की जानकारी परिजनों को दी। बंदी बेटे के मौत की खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया। प्रभारी अधीक्षक ने बताया कि बंदी की तबियत काफी दिनों से खराब चल रही थी। कई बार उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल में भेजा गया था। बंदी की मौत से परिजनों का रो-रो कर हाल बेहाल है।
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करारी कस्बे के सोनारन टोला निवासी मोहम्मद अहमद (30) पुत्र मोहम्मद शफी चार साल पहले मुंबई में रहकर सिलाई का काम करता था। तीन साल पहले वह घर लौटा। इसके बाद दोबारा मुंबई नहीं गया। इसके बाद वह स्थानीय कस्बे के एक युवक के साथ मिल चोरी, लूट जैसी घटनाओं को अंजाम देने लगा। इलाहाबाद समेत कई जिलों में मोहम्मद के खिलाफ संगीन मामले दर्ज हैं। 20 सितंबर 2014 को कोखराज पुलिस ने मोहम्मद अहमद को गिरफ्तार करते हुए जेल भेज दिया था। 18 मार्च को अचानक तबियत खराब होने पर उसे जिला कारागार के अस्पताल में भर्ती करा दिया गया था। इसके बाद हालत में सुधार नहीं होने पर 3 अप्रैल को उपचार के लिए जिला अस्पताल भी ले जाया गया था।
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शनिवार की सुबह मोहम्मद अहमद की इलाज के दौरान मौत हो गई। बंदी के मौत की खबर सुनते ही जिला कारागार में हड़कंप मच गया। प्रभारी जेल अधीक्षक आरके सिंह मौके पर पहुंचे। जांच-पड़ताल के बाद जेल प्रशासन ने घटना की जानकारी परिजनों को दी। बंदी बेटे के मौत की खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया। प्रभारी अधीक्षक ने बताया कि बंदी की तबियत काफी दिनों से खराब चल रही थी। कई बार उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल में भेजा गया था। बंदी की मौत से परिजनों का रो-रो कर हाल बेहाल है।
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