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साइबर सेल का सर्वर फेल
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Sun, 05 Feb 2017 12:12 AM IST
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साइबर शातिरों को काबू में करने के लिए साइबर सेल का गठन किया गया है। फिलहाल यह टीम साइबर सेल में सुबह लेकर शाम तक आराम ही फरमाती है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि साइबर सेल की असली ताकत सर्वर होता है। बिना सर्वर के साइबर सेल अपंग है। दो साल के भीतर कुल 37 मामले साइबर सेल को मिले, जिनमें से अधिकांश पर कार्रवाई की गई और रुपये रिकवरी कराई गई, लेकिन अब साइबर सेल बिना सर्वर काम कर रहा है, इसलिए वह किसी मामले में हाथ नहीं डाल रहे हैं।
इंटरनेट युग में साइबर क्राइम भी तेजी से बढ़ रहा है। महानगरों में ही नहीं कौशाम्बी में भी साइबर क्राइम के शातिर सक्रिय हैं। ये शातिर आए दिन लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनसे लाखों लूट रहे हैं। शातिरों पर शिकंजा कसने के लिए साइबर सेल का गठन कर दिया गया है। साइबर सेल के पास वर्ष 2015 में 18 और वर्ष 2016 में 19 मामले जांच के लिए आए। साइबर सेल का सर्वर फेल होने से धोखाधड़ी कर खाते से निकाली गई रकम की रिकवरी में पुलिस कर्मियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कौशाम्बी में बिना सर्वर के साइबर सेल चल रहा है। किसी तरह टीम ने धांधली का शिकार हुए कुछ लोगों का रुपया वापस कराया है। सर्वर न होने से साइबर सेल के कर्मी दिन भर हाथ पर हाथ धरे बैठे रहते हैं। अफसरों के इस ओर ध्यान नहीं दिए जाने से साइबर क्राइम के मास्टर माइंडों के हौसले बुलंद है।
बिहार व झारखंड के शातिर लूट रहे हैं रुपया
जिले के लोगाें को सबसे ज्यादा बिहार व झारखंड के शातिर चूना लगा रहे हैं। ये शातिर फोन करके ग्राहक से उनके बैंक खाते की जानकारी लेते हैं इसके बाद आनलाइन शॉपिंग कर डालते हैं, जब तक संबंधित को पता चला है कि तब तक आर्डर डिलेवरी हो चुका होता है। जांच के दौरान यही तथ्य खुलकर सामने आए हैं, इसके बाद भी साइबर सेल को मजबूत नहीं बनाया जा रहा है।
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एटीएम कार्ड बदलकर भी होती है ठगी
कौशाम्बी में साइबर क्राइम के तहत हो रही लूट के अलावा उचक्के एटीएम कार्ड बदलकर अथवा खुद को बैंक अधिकारी बताकर एटीएम का पासवर्ड आदि पूछकर भी लोगों से साथ ठगी कर रहे हैं। कौशाम्बी में इस तरह की कई घटनाएं हो चुकी हैं।
लालच में भी कंगाल हुए कौशाम्बी के लोग
कौशाम्बी जिले के लोग लालच में भी कंगाल हुए। साइबर क्राइम के मास्टर माइंड उपभोक्ताओं को लकी विनर बताकर उन्हें भी चूना लगाते रहे। लालच में आकर लोग बिना कुछ सोचे शातिरों द्वारा मांगी गई रकम उनके खातों में डालते रहे।
किसने कितना गवांया, कितना हुआ वापस
नाम गांव गंवाई रकम वापस हुई रकम
सुरेश टेंगाई 28000 23000
शिवमूरत सेवकूपुर 98208 10099
संताराम ओसा 21990 5955
पिंटू अंधावां 32000 3118
चांदरानी इलाहाबाद 46000 5525
लालमनी हिसामपुर 25000 3660
शैलेन्द्र पवारा 51365 4200
मोहन नया पुरवा 49805 12000
साइबर क्राइम के शातिरों पर शिकंजा कसने के लिए कौशाम्बी पुलिस ने साइबर सेल का गठन किया है। खाते में स्थानांतरित होने वाली रकम की वापसी कराने के लिए जिम्मेदारों को निर्देश दिया गया है। साइबर सेल को हाईटेक बनाए जाने का प्रयास किया जा रहा है।
आशुतोष मिश्र
अपर पुलिस अधीक्षक कौशाम्बी
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इंटरनेट युग में साइबर क्राइम भी तेजी से बढ़ रहा है। महानगरों में ही नहीं कौशाम्बी में भी साइबर क्राइम के शातिर सक्रिय हैं। ये शातिर आए दिन लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनसे लाखों लूट रहे हैं। शातिरों पर शिकंजा कसने के लिए साइबर सेल का गठन कर दिया गया है। साइबर सेल के पास वर्ष 2015 में 18 और वर्ष 2016 में 19 मामले जांच के लिए आए। साइबर सेल का सर्वर फेल होने से धोखाधड़ी कर खाते से निकाली गई रकम की रिकवरी में पुलिस कर्मियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कौशाम्बी में बिना सर्वर के साइबर सेल चल रहा है। किसी तरह टीम ने धांधली का शिकार हुए कुछ लोगों का रुपया वापस कराया है। सर्वर न होने से साइबर सेल के कर्मी दिन भर हाथ पर हाथ धरे बैठे रहते हैं। अफसरों के इस ओर ध्यान नहीं दिए जाने से साइबर क्राइम के मास्टर माइंडों के हौसले बुलंद है।
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बिहार व झारखंड के शातिर लूट रहे हैं रुपया
जिले के लोगाें को सबसे ज्यादा बिहार व झारखंड के शातिर चूना लगा रहे हैं। ये शातिर फोन करके ग्राहक से उनके बैंक खाते की जानकारी लेते हैं इसके बाद आनलाइन शॉपिंग कर डालते हैं, जब तक संबंधित को पता चला है कि तब तक आर्डर डिलेवरी हो चुका होता है। जांच के दौरान यही तथ्य खुलकर सामने आए हैं, इसके बाद भी साइबर सेल को मजबूत नहीं बनाया जा रहा है।
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एटीएम कार्ड बदलकर भी होती है ठगी
कौशाम्बी में साइबर क्राइम के तहत हो रही लूट के अलावा उचक्के एटीएम कार्ड बदलकर अथवा खुद को बैंक अधिकारी बताकर एटीएम का पासवर्ड आदि पूछकर भी लोगों से साथ ठगी कर रहे हैं। कौशाम्बी में इस तरह की कई घटनाएं हो चुकी हैं।
लालच में भी कंगाल हुए कौशाम्बी के लोग
कौशाम्बी जिले के लोग लालच में भी कंगाल हुए। साइबर क्राइम के मास्टर माइंड उपभोक्ताओं को लकी विनर बताकर उन्हें भी चूना लगाते रहे। लालच में आकर लोग बिना कुछ सोचे शातिरों द्वारा मांगी गई रकम उनके खातों में डालते रहे।
किसने कितना गवांया, कितना हुआ वापस
नाम गांव गंवाई रकम वापस हुई रकम
सुरेश टेंगाई 28000 23000
शिवमूरत सेवकूपुर 98208 10099
संताराम ओसा 21990 5955
पिंटू अंधावां 32000 3118
चांदरानी इलाहाबाद 46000 5525
लालमनी हिसामपुर 25000 3660
शैलेन्द्र पवारा 51365 4200
मोहन नया पुरवा 49805 12000
साइबर क्राइम के शातिरों पर शिकंजा कसने के लिए कौशाम्बी पुलिस ने साइबर सेल का गठन किया है। खाते में स्थानांतरित होने वाली रकम की वापसी कराने के लिए जिम्मेदारों को निर्देश दिया गया है। साइबर सेल को हाईटेक बनाए जाने का प्रयास किया जा रहा है।
आशुतोष मिश्र
अपर पुलिस अधीक्षक कौशाम्बी