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आग से घर जला, हजारों की क्षति
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
Updated Mon, 30 Mar 2015 12:16 AM IST
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मच्छर भगाने के लिए सुलगाए गए धुएं से निकली चिंगारी से अमीना गांव के किसान के घर में आग लग गई। आग से मकान, बिस्तर, कपड़े, बर्तन, खाद्यान्न समेत गृहस्थी का सारा सामान जल गया। साथ ही छप्पर के नीचे बंधा बछड़े की भी जलने से मौत हो गई। घंटों जूझने के बाद गांववाले आग पर काबू पा सके। लोगों में गुस्सा है कि आग लगने की जानकारी देने के करीब घंटेभर बाद दमकलकर्मी मौके पर आए।
पश्चिमशरीरा कोतवाली क्षेत्र के अमीना गांव निवासी राजाराम सेन ने गांव बाहर करीब 200 मीटर घर और पशुशाला बनाई है। वहीं वह परिवार समेत रहता है। शाम करीब पांच बजे उसके घर में आग लग गई। जिस समय यह घटना हुई राजाराम और परिवार के अन्य सदस्य खेत में काम करने गए थे। घर में सिर्फ उसकी छोटी बहू ही मौजूद थी। मकान में आग लगने पर वह चीखते-चिल्लाते बाहर को भागी।
चीख-पुकार और लपटें देख गांववालों के होश उड़ गए। ग्रामीणों ने आकर सबसे पहले मकान के बाहर छप्पर के नीचे बंधे उसके जानवरों को खोलकर बाहर भगाने की कोशिश की। इस दौरान सभी जानवर तो गांववाले बाहर निकाल ले आए, लेकिन एक बछड़े की जलने से मौत हो गई। उधर, जानवरों को बचाने के बाद पूरा गांव आग बुझाने में जुटा। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद ग्रामीण आग पर काबू पा सके।
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हालांकि जब तक आग बुझाई जाती। राजाराम का पूरा मकान लपटों की भेंट चढ़ चुका था। आग से बिस्तर, बर्तन, कपड़े, खाद्यान्न समेत पूरी गृहस्थी खाक हो गई। वहीं जब गांववाले आग बुझा चुके थे, तब पश्चिमशरीरा फायर स्टेशन से दमकल लेकर कर्मचारी आए। गांववालों में गुस्सा है कि पश्चिमशरीरा से अमीना का रास्ता सिर्फ 15 मिनट का है। पर, करीब घंटेभर से भी ज्यादा देर के बाद दमकलकर्मी गांव आए।
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पश्चिमशरीरा कोतवाली क्षेत्र के अमीना गांव निवासी राजाराम सेन ने गांव बाहर करीब 200 मीटर घर और पशुशाला बनाई है। वहीं वह परिवार समेत रहता है। शाम करीब पांच बजे उसके घर में आग लग गई। जिस समय यह घटना हुई राजाराम और परिवार के अन्य सदस्य खेत में काम करने गए थे। घर में सिर्फ उसकी छोटी बहू ही मौजूद थी। मकान में आग लगने पर वह चीखते-चिल्लाते बाहर को भागी।
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चीख-पुकार और लपटें देख गांववालों के होश उड़ गए। ग्रामीणों ने आकर सबसे पहले मकान के बाहर छप्पर के नीचे बंधे उसके जानवरों को खोलकर बाहर भगाने की कोशिश की। इस दौरान सभी जानवर तो गांववाले बाहर निकाल ले आए, लेकिन एक बछड़े की जलने से मौत हो गई। उधर, जानवरों को बचाने के बाद पूरा गांव आग बुझाने में जुटा। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद ग्रामीण आग पर काबू पा सके।
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हालांकि जब तक आग बुझाई जाती। राजाराम का पूरा मकान लपटों की भेंट चढ़ चुका था। आग से बिस्तर, बर्तन, कपड़े, खाद्यान्न समेत पूरी गृहस्थी खाक हो गई। वहीं जब गांववाले आग बुझा चुके थे, तब पश्चिमशरीरा फायर स्टेशन से दमकल लेकर कर्मचारी आए। गांववालों में गुस्सा है कि पश्चिमशरीरा से अमीना का रास्ता सिर्फ 15 मिनट का है। पर, करीब घंटेभर से भी ज्यादा देर के बाद दमकलकर्मी गांव आए।