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बुखार ने बुझा दिया घर का चिराग
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
Updated Thu, 26 Mar 2015 11:47 PM IST
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नेवादा (ब्यूरो)। बुखार ने बृहस्पतिवार को सरायअकिल के कटरा मोहल्ले के दुकानदार के घर का चिराग बुझा दिया। 10 दिन से बीमार बेटे की बृहस्पतिवार की सुबह इलाज के दौरान इलाहाबाद में मौत हो गई। बुढ़ापे की लाठी टूट जाने से पूरे घर में कोहराम मचा है। बता दें कि व्यापारी के दो बेटे थे। दो साल के भीतर एक-एक करके दोनों की जान चली गई।
सरायअकिल कस्बे के कटरा मोहल्ला निवासी मुन्नालाल मोदनवाल बतासा व्यापारी है। उसके दो बेटे थे अंशू और भानु। दो-दो बेटों के साथ पति-पत्नी की जिंदगी राजी-खुशी बीत रही थी। पर, दो साल पहले इनकी खुशियों में ग्रहण लगने लगा। बताया जाता है कि खेलते समय चोट लग जाने के कारण इनके बड़े बेटे अंशू की मौत हो गई। जवान बेटे की मौत से पूरा परिवार गम में डूब गया। हालांकि लोगों ने छोटे बेटे का दिलासा दिलाकर उन्हें ढांढस बंधाया। पति-पत्नी भी छोटे बेटे के सहारे धीरे-धीरे बड़े बेटे की यादों को भुलाने लगे थे।
पर, बृहस्पतिवार को बुखार ने उनके ऊपर वज्रपात कर दिया। 10 दिनों से बुखार से पीड़ित उनके छोटे बेटे भानु की भी सासें थम गईं। छोटे बेटे की मौत ने पति-पत्नी को इस भरी दुनिया में पूरी तरह से तनहा कर दिया है। बेटे की मौत से पूरी तरह से टूट चुके पति-पत्नी दिनभर यही कहकर बिलखते रहे कि अब उनका सहारा कौन बनेगा। बुढ़ापे में उनकी देखभाल कैसे होगी। बेटे की मौत पर दुकानदार और उसकी पत्नी का रू दन उनके गम का एहसास करके लोगों का कलेजा कांप जा रहा था।
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सरायअकिल कस्बे के कटरा मोहल्ला निवासी मुन्नालाल मोदनवाल बतासा व्यापारी है। उसके दो बेटे थे अंशू और भानु। दो-दो बेटों के साथ पति-पत्नी की जिंदगी राजी-खुशी बीत रही थी। पर, दो साल पहले इनकी खुशियों में ग्रहण लगने लगा। बताया जाता है कि खेलते समय चोट लग जाने के कारण इनके बड़े बेटे अंशू की मौत हो गई। जवान बेटे की मौत से पूरा परिवार गम में डूब गया। हालांकि लोगों ने छोटे बेटे का दिलासा दिलाकर उन्हें ढांढस बंधाया। पति-पत्नी भी छोटे बेटे के सहारे धीरे-धीरे बड़े बेटे की यादों को भुलाने लगे थे।
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पर, बृहस्पतिवार को बुखार ने उनके ऊपर वज्रपात कर दिया। 10 दिनों से बुखार से पीड़ित उनके छोटे बेटे भानु की भी सासें थम गईं। छोटे बेटे की मौत ने पति-पत्नी को इस भरी दुनिया में पूरी तरह से तनहा कर दिया है। बेटे की मौत से पूरी तरह से टूट चुके पति-पत्नी दिनभर यही कहकर बिलखते रहे कि अब उनका सहारा कौन बनेगा। बुढ़ापे में उनकी देखभाल कैसे होगी। बेटे की मौत पर दुकानदार और उसकी पत्नी का रू दन उनके गम का एहसास करके लोगों का कलेजा कांप जा रहा था।
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