{"_id":"5fd26d04cfa38204d163718990d9dfa6","slug":"crime-hindi-news-1228","type":"story","status":"publish","title_hn":"न्यायालय में फर्जी मार्कशीट लगाना पड़ा महंगा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
न्यायालय में फर्जी मार्कशीट लगाना पड़ा महंगा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 28 Feb 2016 11:27 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
प्रेमी के साथ भागी बेटी को नाबालिग साबित करने के लिए फर्जीवाड़ा करना करारी क्षेत्र के एक व्यक्ति को महंगा पड़ा। पुलिस ने इस मामले में आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। इसकी जानकारी लगते ही गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी व्यक्ति घर से फरार हो गया है।
करारी इलाके के एक गांव की रहने वाली युवती तीन महीने पहले संदिग्धदशा में घर से लापता हो गई थी। इस मामले में भुक्तभोगी पिता ने पड़ोसी युवक के खिलाफ बहला-फुसलाकर भगा ले जाने का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी थी। इतना ही नहीं उसने बेटी को नाबालिग साबित करने के लिए फर्जी मार्कशीट का सहारा लिया।
फर्जी तरीके से बनाई गई मार्कसीट अदालत में लगा दी थी। जांच में उसके फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। इस मामले में विवेचक रविशंकर शुक्ल ने अधेड़ पर जालसाजी करके न्यायालय को गुमराह करने के आरोप में करारी थाने में एफआईआर दर्ज करा दी है। एफआईआर होने से अधेड़ के होश उड़े हैं। कार्रवाई होने की जानकारी लगते ही गिरफ्तारी से बचने को वह घर छोड़कर फरार हो गया है।
करारी इलाके के एक गांव की रहने वाली युवती तीन महीने पहले संदिग्धदशा में घर से लापता हो गई थी। इस मामले में भुक्तभोगी पिता ने पड़ोसी युवक के खिलाफ बहला-फुसलाकर भगा ले जाने का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी थी। इतना ही नहीं उसने बेटी को नाबालिग साबित करने के लिए फर्जी मार्कशीट का सहारा लिया।
विज्ञापन
फर्जी तरीके से बनाई गई मार्कसीट अदालत में लगा दी थी। जांच में उसके फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। इस मामले में विवेचक रविशंकर शुक्ल ने अधेड़ पर जालसाजी करके न्यायालय को गुमराह करने के आरोप में करारी थाने में एफआईआर दर्ज करा दी है। एफआईआर होने से अधेड़ के होश उड़े हैं। कार्रवाई होने की जानकारी लगते ही गिरफ्तारी से बचने को वह घर छोड़कर फरार हो गया है।
विज्ञापन