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दलित युवक की हत्या में मिली उम्रकैद
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Tue, 31 Jan 2017 12:42 AM IST
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करारी के छिमिरछा गांव में 16 साल पहले हुई दलित युवक की हत्या के मामले में आरोपियाें को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। सोमवार को एडीजे द्वितीय ने उम्रकैद की सजा सुनाते हुए चार आरोपियों पर दस-दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
अभियोजन के अनुसार करारी के छिमिरछा गांव निवासी राम प्रकाश पुत्र केशन पासी की 9 सितंबर 1999 की रात पुरानी अदावत में धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी। मृतक के भाई की तहरीर पर करारी पुलिस ने रमजान, बन्ने, मुंडा और मुक्कू के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने हत्यारोपियों को गिरफ्तार का जेल भेजते हुए चार्जशीट अदालत में दाखिल किया था। जमानत पर आरोपी जेल से बाहर थे। 16 साल से यह मामला अदालत में चल रहा था।
सोमवार को एडीजे द्वितीय संजय कुमार मलिक की कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई। वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी जय गोविंद उपाध्याय ने वादी समेत 9 गवाह पेश किए। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलील सुनने के बाद अदालत ने रमजान, बन्ने, मुंडा, और मुक्कू को कत्ल का दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही 10-10 हजार रुपये अर्थदंड वसूल करने का भी आदेश दिया। पुलिस ने सभी को जेल भेज दिया है।
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अभियोजन के अनुसार करारी के छिमिरछा गांव निवासी राम प्रकाश पुत्र केशन पासी की 9 सितंबर 1999 की रात पुरानी अदावत में धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी। मृतक के भाई की तहरीर पर करारी पुलिस ने रमजान, बन्ने, मुंडा और मुक्कू के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने हत्यारोपियों को गिरफ्तार का जेल भेजते हुए चार्जशीट अदालत में दाखिल किया था। जमानत पर आरोपी जेल से बाहर थे। 16 साल से यह मामला अदालत में चल रहा था।
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सोमवार को एडीजे द्वितीय संजय कुमार मलिक की कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई। वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी जय गोविंद उपाध्याय ने वादी समेत 9 गवाह पेश किए। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलील सुनने के बाद अदालत ने रमजान, बन्ने, मुंडा, और मुक्कू को कत्ल का दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही 10-10 हजार रुपये अर्थदंड वसूल करने का भी आदेश दिया। पुलिस ने सभी को जेल भेज दिया है।
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