{"_id":"58bb0b884f1c1b2e4d8311dd","slug":"cbi-kaushambi-red-gold","type":"story","status":"publish","title_hn":"दोआबा में धड़ल्ले से हो रहा बालू का अवैध खनन","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
दोआबा में धड़ल्ले से हो रहा बालू का अवैध खनन
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Updated Sun, 05 Mar 2017 12:23 AM IST
विज्ञापन
kaushambi
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीबीआई जांच ने प्रदेश में हड़कंप मचा रखा है। सभी घाट बंद हैं, डंप के कारोबारी भी मतदान के बाद भूमिगत हो चुके हैं। जिले के आला अधिकारी व खनन विभाग के कर्मी सहमे हुए हैं। इसके बाद भी मजदूर संगठनों ने सीबीआई को चुनौती देते हुए धड़ल्ले से बालू निकासी शुरू कर दी है। इलाहाबाद-कौशाम्बी की सरहद पर स्थित असरावल घाट से प्रतिदिन एक लाख फिट से ज्यादा बालू की निकासी हो रही है। छह हजार की बालू 50 हजार रुपये में खुलेआम बिक रही है। इसके बाद भी अधिकारी इस अवैध खनन पर रोक नहीं लगा पा रहे हैं।
हाईकोर्ट के निर्देश पर अवैध खनन की जांच को सबसे पहले सीबीआई ने कौशाम्बी में ही दस्तक दी थी। करीब 13 बालू कारोबारियों से पूछताछ करने के बाद सीबीआई ने खनन विभाग के अभिलेखों को अपने कब्जे मे ले लिया था। इनमें वैध पट्टाधारकों की सूची, डंप बालू कारोबारियों व रिक्त पट्टों की सूची के भी दस्तावेज शामिल थे। हाल ही में सीबीआई ने इस मामले में एक बार फिर तेजी दिखाई। प्रदेश के दूसरे जिलों में सीबीआई टीम ने धावा बोला है।
इससे जिले के अधिकारियों की हालत बिगड़ चुकी है। डीएम व एसपी के बारे में कहा जा रहा है सीबीआई जांच की ही वजह से इनके तबादले नहीं हुए हैं। इसके बाद भी जिले के अवैध बालू कारोबारियों के हौसले नहीं टूटे हैं। मजदूरों की आड़ में अवैध बालू खनन का काम असरावल में जोरों पर चल रहा है। बालू का यह अवैध घाट इलाहाबाद-कौशाम्बी की सरहद पर है। एक हफ्ते से यहां प्रतिदिन चार सौ नावों के जरिए बालू निकासी होती है। कारोबारियों के हिसाब से एक दिन में लगभग एक लाख फिट बालू निकाल ली जा रही है। एक नाव से लगभग ढाई सौ फिट निकाली जाती है।
विज्ञापन
दिन भर बालू की निकासी होती है। रात दस बजे के बाद यहां से डंपर व ट्रक में बालू निकाली जाती है। सरकारी मानक के हिसाब से छह हजार रुपये की बालू अवैध कारोबारी 50 हजार रुपये में बेच रहे हैं। डीएम व एसपी की नाक के नीचे भोर में बालू डंपर से गिराई जा रही है। गुरुवार को सरायअकिल एसओ योगेंद्र प्रताप सिंह ने कार्रवाई करते हुए चार बालू लदे वाहनों का चालान किया था। इनमें डंपर भी थे। इसके बाद भी अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं।
इलाहाबाद के रास्ते आती है बालू
बालू कारोबारियों ने अवैध बालू की सप्लाई का तरीका बदल लिया है। असरावल घाट से निकलने वाली बालू झलवा धूमनगंज के रास्ते से कौशाम्बी आ रही है। पुलिस की आंख में धूल झोंकने के लिए यह तरीका अख्तियार किया गया है। इलाहाबाद की ओर से आने वाले ट्रकों को पुलिस गंभीरता से नहीं लेती है।
चौकी प्रभारियों की भूमिका संदिग्ध
अवैध बालू निकासी के मामले में चौकी प्रभारियों की भूमिका संदिग्ध है। इस मामले में चार चौकी प्रभारियों पर अधिकारियों की निगाह टेढ़ी है। सरायअकिल एसओ की कार्रवाई ने इसे साबित भी कर दिया है। चौकी के समीप ही एसओ ने बालू लदे वाहनों को भोर में पकड़ा था और कार्रवाई की थी।
अवैध बालू खनन पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध है। अवैध खनन पर खनन विभाग कार्रवाई करता है। यदि अवैध बालू लदे वाहन सड़क पर आते हैं तो पुलिस कार्रवाई करेगी। पुलिस की कार्रवाई इस मामले में लगातार हो रही है।
वीके मिश्र, एसपी
विज्ञापन
हाईकोर्ट के निर्देश पर अवैध खनन की जांच को सबसे पहले सीबीआई ने कौशाम्बी में ही दस्तक दी थी। करीब 13 बालू कारोबारियों से पूछताछ करने के बाद सीबीआई ने खनन विभाग के अभिलेखों को अपने कब्जे मे ले लिया था। इनमें वैध पट्टाधारकों की सूची, डंप बालू कारोबारियों व रिक्त पट्टों की सूची के भी दस्तावेज शामिल थे। हाल ही में सीबीआई ने इस मामले में एक बार फिर तेजी दिखाई। प्रदेश के दूसरे जिलों में सीबीआई टीम ने धावा बोला है।
विज्ञापन
इससे जिले के अधिकारियों की हालत बिगड़ चुकी है। डीएम व एसपी के बारे में कहा जा रहा है सीबीआई जांच की ही वजह से इनके तबादले नहीं हुए हैं। इसके बाद भी जिले के अवैध बालू कारोबारियों के हौसले नहीं टूटे हैं। मजदूरों की आड़ में अवैध बालू खनन का काम असरावल में जोरों पर चल रहा है। बालू का यह अवैध घाट इलाहाबाद-कौशाम्बी की सरहद पर है। एक हफ्ते से यहां प्रतिदिन चार सौ नावों के जरिए बालू निकासी होती है। कारोबारियों के हिसाब से एक दिन में लगभग एक लाख फिट बालू निकाल ली जा रही है। एक नाव से लगभग ढाई सौ फिट निकाली जाती है।
विज्ञापन
दिन भर बालू की निकासी होती है। रात दस बजे के बाद यहां से डंपर व ट्रक में बालू निकाली जाती है। सरकारी मानक के हिसाब से छह हजार रुपये की बालू अवैध कारोबारी 50 हजार रुपये में बेच रहे हैं। डीएम व एसपी की नाक के नीचे भोर में बालू डंपर से गिराई जा रही है। गुरुवार को सरायअकिल एसओ योगेंद्र प्रताप सिंह ने कार्रवाई करते हुए चार बालू लदे वाहनों का चालान किया था। इनमें डंपर भी थे। इसके बाद भी अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं।
इलाहाबाद के रास्ते आती है बालू
बालू कारोबारियों ने अवैध बालू की सप्लाई का तरीका बदल लिया है। असरावल घाट से निकलने वाली बालू झलवा धूमनगंज के रास्ते से कौशाम्बी आ रही है। पुलिस की आंख में धूल झोंकने के लिए यह तरीका अख्तियार किया गया है। इलाहाबाद की ओर से आने वाले ट्रकों को पुलिस गंभीरता से नहीं लेती है।
चौकी प्रभारियों की भूमिका संदिग्ध
अवैध बालू निकासी के मामले में चौकी प्रभारियों की भूमिका संदिग्ध है। इस मामले में चार चौकी प्रभारियों पर अधिकारियों की निगाह टेढ़ी है। सरायअकिल एसओ की कार्रवाई ने इसे साबित भी कर दिया है। चौकी के समीप ही एसओ ने बालू लदे वाहनों को भोर में पकड़ा था और कार्रवाई की थी।
अवैध बालू खनन पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध है। अवैध खनन पर खनन विभाग कार्रवाई करता है। यदि अवैध बालू लदे वाहन सड़क पर आते हैं तो पुलिस कार्रवाई करेगी। पुलिस की कार्रवाई इस मामले में लगातार हो रही है।
वीके मिश्र, एसपी