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आरोपियों को नाबालिग बताकर बचाने की कोशिश!
Updated Fri, 15 Jun 2018 12:13 AM IST
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आरोपियों को नाबालिग बताकर बचाने की कोशिश
मंझनपुर। सरायअकिल पुलिस ने चर्चित आनंद मोहन मिश्र हत्याकांड में खेल कर दिया है। वारदात में जेल भेजे गए आरोपियों को बचाने के लिए कम उम्र दर्शाई गई है। जबकि सभी आरोपी बालिग हैं। गुरुवार को मृतक के पिता ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए प्रमाण के साथ इसकी शिकायत एडीजी से की है।
सरायअकिल कोतवाली क्षेत्र के बरई गांव निवासी कृष्णकांत मिश्र आरईएस विभाग में ठेकेदारी करते हैं। उनके बेटे आनंद मोहन उर्फ शिवम का बीते 15 मई को घर के पास से अपहरण कर हत्या कर दी गई थी। मामले में मृतक के पिता की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। इसके बाद घटना का खुलासा करते हुए पुलिस ने गांव के ही रविशंकर पांडेय, अजय उर्फ रजनीश उर्फ सोमदत्त, मोहित उर्फ छोटू, प्रेम सागर व सुमित त्रिपाठी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
मृतक के पिता का आरोप है कि पुलिस ने प्रेम सागर के अलावा बाकी सभी आरोपियों की उम्र सिर्फ 17 साल दिखाई है। जबकि सभी वयस्क हैं। पीड़ित पिता के मुताबिक आरोपियों का नाम वोटर लिस्ट में दर्ज है। कक्षा पांच की मार्कशीट के हिसाब से भी सभी आरोपी बालिग हैं। बताया कि इसकी जानकारी अभियुक्तों को जेल भेजते वक्त ही पुलिस को दी गई थी। इसके बाद भी पुलिस ने सांठगांठ कर आरोपियों को बचाने के लिए खेल किया है।
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मंझनपुर। सरायअकिल पुलिस ने चर्चित आनंद मोहन मिश्र हत्याकांड में खेल कर दिया है। वारदात में जेल भेजे गए आरोपियों को बचाने के लिए कम उम्र दर्शाई गई है। जबकि सभी आरोपी बालिग हैं। गुरुवार को मृतक के पिता ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए प्रमाण के साथ इसकी शिकायत एडीजी से की है।
सरायअकिल कोतवाली क्षेत्र के बरई गांव निवासी कृष्णकांत मिश्र आरईएस विभाग में ठेकेदारी करते हैं। उनके बेटे आनंद मोहन उर्फ शिवम का बीते 15 मई को घर के पास से अपहरण कर हत्या कर दी गई थी। मामले में मृतक के पिता की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। इसके बाद घटना का खुलासा करते हुए पुलिस ने गांव के ही रविशंकर पांडेय, अजय उर्फ रजनीश उर्फ सोमदत्त, मोहित उर्फ छोटू, प्रेम सागर व सुमित त्रिपाठी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
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मृतक के पिता का आरोप है कि पुलिस ने प्रेम सागर के अलावा बाकी सभी आरोपियों की उम्र सिर्फ 17 साल दिखाई है। जबकि सभी वयस्क हैं। पीड़ित पिता के मुताबिक आरोपियों का नाम वोटर लिस्ट में दर्ज है। कक्षा पांच की मार्कशीट के हिसाब से भी सभी आरोपी बालिग हैं। बताया कि इसकी जानकारी अभियुक्तों को जेल भेजते वक्त ही पुलिस को दी गई थी। इसके बाद भी पुलिस ने सांठगांठ कर आरोपियों को बचाने के लिए खेल किया है।
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