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हत्या के तीन आरोपियों को आजीवन कैद
Updated Sun, 29 Jul 2018 12:10 AM IST
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अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ की अदालत ने शनिवार को हत्या के नौ साल पुराने एक मामले की सुनवाई की। अदालत ने तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाने के साथ ही 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
सैनी कोतवाली क्षेत्र के अथसराय निवासी लवलेश उर्फ कप्तान पुत्र विमल मिश्र की 23 जुलाई 2009 को हत्या कर दी गई थी। मामले में मृतक के भाई सत्येन्द्र की तहरीर पर पड़ोसी गांव भरेठा में रहने वाले लक्ष्मीकांत पुत्र रामबालक, शंकर देवी पुत्री गनपत व सदाशिव पुत्र शिवबालक के खिलाफ केस दर्ज किया गया। विवेचना के बाद पुलिस ने चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी।
शनिवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ कमलेश पाठक ने प्रकरण की सुनवाई की। इस दौरान शासकीय अधिवक्ता प्रदीप मौर्य ने कुल सात गवाहों का बयान कराया। दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने तीनों आरोपियों को उम्रकैद व 25-25 हजार रुपया जुर्माने की सजा सुनाई। कोर्ट का फैसला आते ही मृतक के परिजनों की आंखें भर आईं। पीड़ित भाई ने कहा कि हत्यारोपियों को उनके गुनाहों की सजा दिलाने के लिए वह अंतिम दम तक संघर्ष करते रहेंगे।
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सैनी कोतवाली क्षेत्र के अथसराय निवासी लवलेश उर्फ कप्तान पुत्र विमल मिश्र की 23 जुलाई 2009 को हत्या कर दी गई थी। मामले में मृतक के भाई सत्येन्द्र की तहरीर पर पड़ोसी गांव भरेठा में रहने वाले लक्ष्मीकांत पुत्र रामबालक, शंकर देवी पुत्री गनपत व सदाशिव पुत्र शिवबालक के खिलाफ केस दर्ज किया गया। विवेचना के बाद पुलिस ने चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी।
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शनिवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ कमलेश पाठक ने प्रकरण की सुनवाई की। इस दौरान शासकीय अधिवक्ता प्रदीप मौर्य ने कुल सात गवाहों का बयान कराया। दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने तीनों आरोपियों को उम्रकैद व 25-25 हजार रुपया जुर्माने की सजा सुनाई। कोर्ट का फैसला आते ही मृतक के परिजनों की आंखें भर आईं। पीड़ित भाई ने कहा कि हत्यारोपियों को उनके गुनाहों की सजा दिलाने के लिए वह अंतिम दम तक संघर्ष करते रहेंगे।
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