{"_id":"5c61cd4fbdec22737e6b031c","slug":"51549913423-kaushambi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्राहक सेवा केन्द्र लूटकांड भूली चरवा पुलिस","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
ग्राहक सेवा केन्द्र लूटकांड भूली चरवा पुलिस
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ग्राहक सेवा केंद्र लूटकांड को भूली चरवा पुलिस
चरवा कोतवाली क्षेत्र के पहाड़पुर गांव में नौ जनवरी को हुई थी घटना
फोटो नं.
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। चरवा कोतवाली क्षेत्र के पहाड़पुर गांव स्थित ग्राहक सेवा केंद्र में हुई लूट की घटना पुलिस भूल गई है। महीने भर बाद भी वारदात का खुलासा नहीं हो पाया है। इसे लेकर केंद्र संचालक परेशान है। एएसपी ने जल्द खुलासा कराने का आश्वासन दिया है।
पहाड़पुर गांव में बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक का ग्राहक सेवा केंद्र था। नौ जनवरी की शाम केन्द्र में संचालक राममिलन त्रिपाठी की कनपटी पर तमंचा सटाकर बदमाश करीब 3.76 लाख लूट ले गए थे। संचालक की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। खुलासे के लिए पुलिस ने शुरूआत के दो-तीन दिन तक तो हाथ-पैर मारे। इसके बाद प्रकरण को ठंडे बस्ते में डाल दिया। एसपी प्रदीप गुप्ता ने खुलासे के लिए एसओजी के साथ स्वाट टीम को भी लगाया था। ये टीमें भी हवा में ही तीर मारकर रह गईं। हर सवाल के जवाब में पुलिस जल्द वर्कआउट का रटा-रटाया जवाब दे रही है। खुलासा कब होगा ? इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है। वहीं घटना के बाद केंद्र का संचालन बंद कर दिया गया है। मामले में एएसपी प्रदीप गुप्ता का कहना है कि खुलासे में देरी के लिए इंस्पेक्टर से जवाब तलब किया जाएगा।
विज्ञापन
चरवा कोतवाली क्षेत्र के पहाड़पुर गांव में नौ जनवरी को हुई थी घटना
फोटो नं.
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। चरवा कोतवाली क्षेत्र के पहाड़पुर गांव स्थित ग्राहक सेवा केंद्र में हुई लूट की घटना पुलिस भूल गई है। महीने भर बाद भी वारदात का खुलासा नहीं हो पाया है। इसे लेकर केंद्र संचालक परेशान है। एएसपी ने जल्द खुलासा कराने का आश्वासन दिया है।
पहाड़पुर गांव में बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक का ग्राहक सेवा केंद्र था। नौ जनवरी की शाम केन्द्र में संचालक राममिलन त्रिपाठी की कनपटी पर तमंचा सटाकर बदमाश करीब 3.76 लाख लूट ले गए थे। संचालक की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। खुलासे के लिए पुलिस ने शुरूआत के दो-तीन दिन तक तो हाथ-पैर मारे। इसके बाद प्रकरण को ठंडे बस्ते में डाल दिया। एसपी प्रदीप गुप्ता ने खुलासे के लिए एसओजी के साथ स्वाट टीम को भी लगाया था। ये टीमें भी हवा में ही तीर मारकर रह गईं। हर सवाल के जवाब में पुलिस जल्द वर्कआउट का रटा-रटाया जवाब दे रही है। खुलासा कब होगा ? इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है। वहीं घटना के बाद केंद्र का संचालन बंद कर दिया गया है। मामले में एएसपी प्रदीप गुप्ता का कहना है कि खुलासे में देरी के लिए इंस्पेक्टर से जवाब तलब किया जाएगा।
विज्ञापन