फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kaushambi News ›   तहसील गेट पर वृद्धा ने निगला जहर, हालत गंभीर

तहसील गेट पर वृद्धा ने निगला जहर, हालत गंभीर

Tue, 13 Nov 2018 12:19 AM IST
Updated Tue, 13 Nov 2018 12:19 AM IST
विज्ञापन
तहसील गेट पर वृद्धा ने निगला जहर, हालत गंभीर
तहसील गेट पर वृद्धा ने निगला जहर, हालत गंभीर
विज्ञापन

- बेटों से आजिज आकर सीओ के पास मांगने गई थी इंसाफ
फोटो नं-2
अमर उजाला ब्यूरो
चायल। अपने बेटों से आजिज हो इंसाफ मांगने सीओ चायल के यहां पहुंची बुजुर्ग महिला ने जहर खाकर जान देने का प्रयास किया। सीओ के दफ्तर में नहीं होने से महिला ने आत्मघाती कदम उठाया। घटना की जानकारी पर पहुंची पुलिस ने इलाज के लिए उसे जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया।
पिपरी कोतवाली के छोटा लाला का पुरवा गांव की मुंदरी देवी (65) पत्नी सुदर्शन सोमवार की शाम सीओ चायल के पास शिकायती पत्र लेकर आई थीं उनका कहना था कि पांच साल पहले उसके पति की मौत हो गई। उसके तीन बेटे मंतलाल, नंदलाल और मुखलाल अपनी पत्नी व बच्चों के साथ अलग रहते हैं। वह अकेली कच्चे मकान में रहती है। भोजन का भी संकट है। बच्चे राशन व पैसा नहीं देते। मांगने पर मारपीट करते हैं। पड़ोसियों के यहां भीख मांगकर वह अपना गुजारा करती है। सीओ के दफ्तर में नहीं होने पर वह उदास हो गई। दफ्तर से बाहर निकली और तहसील गेट के पास आकर जहर खा लिया। कुछ ही देर में वह अचेत हो गई और मुंह से झाग निकलने लगा। माजरा देख मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। पिपरी कोतवाली के चायल चौकी प्रभारी संजय परिहार मौके पर पहुंचे। मुंदरी की हालत नाजुक देख उसे जिला अस्पताल भेज दिया गया। अस्पताल में उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
विज्ञापन


----------------
पति की मौत के बाद तीन माह तक मिली पेंशन
- घर के आर्थिक हालात भी नहीं है ठीक
अमर उजाला ब्यूरो
चायल। मुंदरी देवी के घर के आर्थिक हालात ठीक नहीं है। पति किसी तरह मजदूरी कर पेट पालता था, लेकिन उसकी मौत के बाद वह सहारा भी छिन गया। सरकार की तरफ से वृद्धा पेंशन स्वीकृति हुई, लेकिन तीन माह बाद वह भी बंद हो गई। इसे लेकर वह काफी परेशान रहती थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

मुंदरी देवी के तीन बेटे तो हैं, लेकिन वह भी ईंट भट्ठे में मजदूरी करके किसी तरह परिवार का पेट पालते हैं। खेती के लिए बिस्वा भर भी जमीन नहीं है। सरकार की तरफ से गरीबों के लिए संचालित किसी भी योजना का लाभ उसे नहीं मिल रहा है। पात्र गृहस्थी का राशन कार्ड तक नहीं बनाया गया। शौचालय और प्रधानमंत्री आवास की सुविधा का लाभ भी नहीं मिला। मुंदरी कच्चे मकान में रहती हैं जो मरम्मत के अभाव में गिरने के कगार पर है। पड़ोसी ही उसे घर का बचा खाना दे दिया करते थे। बच्चों ने तो उसकी तरफ से पूरी तरह मुंह फेर लिया था। इस बाबत एसडीएम चायल अनिल चतुर्वेदी का कहना है कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है तो वह लेखपाल को भेजकर मामले की जांच कराएंगे। अगर मुंदरी पात्रता श्रेणी में है तो उसे सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed