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एसडीएम से परेशान लेखपाल ने मांगी मौत की इजाजत
Updated Tue, 13 Nov 2018 06:07 PM IST
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एसडीएम से परेशान लेखपाल ने मांगी मौत की इजाजत
चायल के उपजिलाधिकारी पर कोइलहा के लेखपाल ने लगाया दलित उत्पीड़न का आरोप
पीड़ित ने संगठन अध्यक्ष को दिया इच्छा मृत्यु का पत्र, की राष्ट्रपति तक भेजवाने की पैरवी
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। चायल एसडीएम पर दलित होने की वजह से प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाने वाले लेखपाल ने मौत की इजाजत मांगी है। मंगलवार को उसने संगठन अध्यक्ष को इच्छा मृत्यु का पत्र दिया है। साथ ही इसे राष्ट्रपति तक भेजवाने के लिए पैरवी की है। इसकी भनक लगते ही जिला प्रशासन सकते में आ गया है।
रसूलाबाद कोइलहा गांव मेें तैनात लेखपाल धर्मराज ने बताया कि दलित होने की वजह से एसडीएम उसको प्रताड़ित करते हैं। दो नवम्बर को एसडीएम ने देर रात तक अपने कार्यालय में बैठाकर उससे काम कराया। इस दौरान विरोध करने पर अपशब्दों का प्रयोग किया। लेखपाल के मुताबिक वर्ष 2014 में दिनदहाड़े मौत के घाट उतारे गए चायल के पूर्व ब्लॉक प्रमुख रामसरन के परिजनों को भूमि का पट्टा दिया जाना है। एसडीएम प्रस्तावित जमीन पर आईटीआई कॉलेज खुलवाने के लिए रिपोर्ट बनाने का दबाव बना रहे हैं। पीड़ित लेखपाल ने शनिवार को इसकी शिकायत एएसपी और सोमवार को जिलाधिकारी से की थी। इसके बाद मंगलवार को एसडीएम ने लेखपाल को निलंबित कर दिया। ऐसे में परेशान लेखपाल ने मंगलवार को अपने संगठन अध्यक्ष को शिकायती पत्र दिया। इसमें उसने मौत की अनुमति मांगी है। अध्यक्ष से पत्र राष्ट्रपति को भेजने की पैरवी की है। वहीं, दूसरी ओर संगठन अब आंदोलन करने की बात कह रहा है। माना जा रहा है कि किसी भी दिन से हड़ताल शुरू हो सकती है।
--
इनका कहना है
धोखाधड़ी के एक मामले की जांच के बाद लेखपाल को सस्पेंड किया गया है। वह बेबुनियाद आरोप लगा रहा है। इच्छा मृत्यु के लिए किसी को पत्र दिए जाने की जानकारी नहीं है।
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अनिल चतुर्वेदी-एसडीएम, चायल
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चायल के उपजिलाधिकारी पर कोइलहा के लेखपाल ने लगाया दलित उत्पीड़न का आरोप
पीड़ित ने संगठन अध्यक्ष को दिया इच्छा मृत्यु का पत्र, की राष्ट्रपति तक भेजवाने की पैरवी
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। चायल एसडीएम पर दलित होने की वजह से प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाने वाले लेखपाल ने मौत की इजाजत मांगी है। मंगलवार को उसने संगठन अध्यक्ष को इच्छा मृत्यु का पत्र दिया है। साथ ही इसे राष्ट्रपति तक भेजवाने के लिए पैरवी की है। इसकी भनक लगते ही जिला प्रशासन सकते में आ गया है।
रसूलाबाद कोइलहा गांव मेें तैनात लेखपाल धर्मराज ने बताया कि दलित होने की वजह से एसडीएम उसको प्रताड़ित करते हैं। दो नवम्बर को एसडीएम ने देर रात तक अपने कार्यालय में बैठाकर उससे काम कराया। इस दौरान विरोध करने पर अपशब्दों का प्रयोग किया। लेखपाल के मुताबिक वर्ष 2014 में दिनदहाड़े मौत के घाट उतारे गए चायल के पूर्व ब्लॉक प्रमुख रामसरन के परिजनों को भूमि का पट्टा दिया जाना है। एसडीएम प्रस्तावित जमीन पर आईटीआई कॉलेज खुलवाने के लिए रिपोर्ट बनाने का दबाव बना रहे हैं। पीड़ित लेखपाल ने शनिवार को इसकी शिकायत एएसपी और सोमवार को जिलाधिकारी से की थी। इसके बाद मंगलवार को एसडीएम ने लेखपाल को निलंबित कर दिया। ऐसे में परेशान लेखपाल ने मंगलवार को अपने संगठन अध्यक्ष को शिकायती पत्र दिया। इसमें उसने मौत की अनुमति मांगी है। अध्यक्ष से पत्र राष्ट्रपति को भेजने की पैरवी की है। वहीं, दूसरी ओर संगठन अब आंदोलन करने की बात कह रहा है। माना जा रहा है कि किसी भी दिन से हड़ताल शुरू हो सकती है।
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इनका कहना है
धोखाधड़ी के एक मामले की जांच के बाद लेखपाल को सस्पेंड किया गया है। वह बेबुनियाद आरोप लगा रहा है। इच्छा मृत्यु के लिए किसी को पत्र दिए जाने की जानकारी नहीं है।
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अनिल चतुर्वेदी-एसडीएम, चायल