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विवाहिता की हत्या में चचिया सास व ससुर को उम्रकैद
Updated Tue, 26 Sep 2017 12:32 AM IST
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महिला की हत्या में चचिया सास व ससुर को उम्रकैद
- कमरे में बंदकर लगा दी थी आग, मौत से पहले दिया था बयान
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। जिला सत्र एवं न्यायाधीश दिलीप सिंह यादव ने सोमवार को विवाहिता की हत्या के आरोप में दोष सिद्ध होने पर चचिया सास व ससुर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दस-दस हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। घटना 22 सितबर 2016 को कौशाम्बी के गुरौली में हुई थी।
पांडेयमऊ की सुशीला पुत्री हरिश्चंद्र की शादी कौशाम्बी थाना क्षेत्र के गुरौली निवासी जितेंद्र कुमार के साथ हुई थी। 22 सितंबर 2016 को सुशीला की आग लगने से मौत हो गई थी। मौत से पहले उसने बयान दिया था कि उसको कमरे में बंदकर चचिया ससुर रामसूरत व चचिया सास फूलकली मिट्टी का तेल छिड़क कर आग लगा दिया था। सुशीला को उसके पति ने गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती किया था। आरोप है कि सुशीला पर दहेज लाने का वह दबाव बना रहे थे। इसके अलावा चोरी का आरोप लगाकर उसको प्रताड़ित करते थे। पिता हरिश्चंद्र की तहरीर पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर प्रकरण की विवेचना की। इसके बाद आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। जिला सत्र एवं न्यायाधीश दिलीप सिंह यादव ने सोमवार को मामले में फैसला सुनाया। उभय पक्षों को सुनने के बाद पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन किया। शासकीय अधिवक्ता विनय कुमार यादव ने कुल 14 गवाहों को परीक्षित कराया। आरोप साबित होने पर न्यायालय ने आरोपी रामसूरत व फूलकली को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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- कमरे में बंदकर लगा दी थी आग, मौत से पहले दिया था बयान
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। जिला सत्र एवं न्यायाधीश दिलीप सिंह यादव ने सोमवार को विवाहिता की हत्या के आरोप में दोष सिद्ध होने पर चचिया सास व ससुर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दस-दस हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। घटना 22 सितबर 2016 को कौशाम्बी के गुरौली में हुई थी।
पांडेयमऊ की सुशीला पुत्री हरिश्चंद्र की शादी कौशाम्बी थाना क्षेत्र के गुरौली निवासी जितेंद्र कुमार के साथ हुई थी। 22 सितंबर 2016 को सुशीला की आग लगने से मौत हो गई थी। मौत से पहले उसने बयान दिया था कि उसको कमरे में बंदकर चचिया ससुर रामसूरत व चचिया सास फूलकली मिट्टी का तेल छिड़क कर आग लगा दिया था। सुशीला को उसके पति ने गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती किया था। आरोप है कि सुशीला पर दहेज लाने का वह दबाव बना रहे थे। इसके अलावा चोरी का आरोप लगाकर उसको प्रताड़ित करते थे। पिता हरिश्चंद्र की तहरीर पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर प्रकरण की विवेचना की। इसके बाद आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। जिला सत्र एवं न्यायाधीश दिलीप सिंह यादव ने सोमवार को मामले में फैसला सुनाया। उभय पक्षों को सुनने के बाद पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन किया। शासकीय अधिवक्ता विनय कुमार यादव ने कुल 14 गवाहों को परीक्षित कराया। आरोप साबित होने पर न्यायालय ने आरोपी रामसूरत व फूलकली को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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