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वार्ड व्याय की शिकायत पर सीएमएस से पूछताछ
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Updated Wed, 01 Mar 2017 12:38 AM IST
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कौशाम्बी
- फोटो : कौशाम्बी
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जिला अस्पताल में तैनात एक निजी कंपनी के कर्मी की शिकायत पर सदर कोतवाली में तैनात एसएसआई ने सीएमएस व उनके स्टाफ के अन्य कर्मचारियों से पूछताछ की। निजी कंपनी के कर्मी का आरोप था कि उसका ईपीएफ नहीं जमा किया जा रहा है, न ही पगार खाते में भेजी जा रही है। महिला लिपिक व कंपनी प्रबंधक दोनों मिलकर धांधली कर रहे हैं। शिकायत पर एजेंसी प्रबंधक ने जान से मारने की धमकी दी है। इसी मामले की जांच करने के लिए एसएसआई पहुंचे थे।
जिला अस्पताल में तैनात वार्ड ब्वाय वसीम सिद्दीकी जीत सिक्योरिटी कंपनी का कर्मचारी था। उसकी संविदा पर तैनाती की गई थी। वसीम सिद्दीकी का आरोप है कि उसको आधा-अधूरा मानदेय दिया जा रहा है। इसके अलावा हर महीने कटने वाला ईपीएफ का भी गोलमाल किया जा रहा है। अधिकारियों से शिकायत करते हुए वसीम सिद्दीकी ने महिला लिपिक नीलिमा उपाध्याय व एजेंसी प्रबंधक सुजीत दुबे पर गंभीर आरोप लगाए थे।
दोनों पर वित्तीय अनियमितता का आरोप था। वसीम सिद्दीकी का आरोप है कि शिकायत के बाद एजेंसी प्रबंधक सुजीत दुबे ने उसको जान से मारने की धमकी दी थी, साथ ही झूठे मुकदमे में फंसाने की बात कही थी। इसकी शिकायत वसीम सिद्दीकी ने सदर कोतवाली पुलिस से की थी। इस मामले की जांच के लिए मंगलवार को एसएसआई विनोद यादव सीएमएस डॉ. दीपक सेठ के पास पहुंचे। पूछताछ के बाद उन्होंने अन्य कर्मचारियों से भी सवाल-जवाब किया। पुलिस के पहुंचने से जिला अस्पताल में हड़कंप मचा रहा। एसएसआई विनोद यादव का कहना है कि प्रकरण की जांच की जा रही है।
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संयुक्त जिला चिकित्सालय में वार्ड ब्वाय के पद पर तैनात संविदा कर्मी की सेवा संबंधित एजेंसी ने समाप्त कर दी है। सीएमएस को लिखे गए पत्र में जीत सिक्योरिटी सर्विसेज के सुजीत दुबे ने बताया कि सिक्योरिटी के माध्यम से अस्पताल में तैनात वार्ड ब्याव वसीम सिद्दीकी की सेवा समाप्त की जाती है। संस्था की कार्रवाई का पत्र मिलने के बाद सीएमएस ने वसीम को को अस्पताल से बाहर कर दिया है।
चरवा थाना क्षेत्र की एक पीड़िता मंगलवार को पुलिस अधीक्षक वीके मिश्र से मिली। आरोप लगाया कि 25 दिसंबर 2016 की रात गांव के बेनी सिंह, भगौती सिंह व मान सिंह ने बलात्कार किया था। 100-डॉयल के बाद पहुंची पुलिस ने मामले की रिपोर्ट भी दर्ज किया। रिपोर्ट दर्ज करने के बाद भी चरवा पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं कर रही है। उधर, आरोपी आए दिन पीड़िता को जान से मारने की धमकी दे रहें हैं, जिसके चलते पीड़िता घटना के बाद से मायके में गुजर बसर कर रही है। एसपी ने कार्रवाई कराने का आश्वासन पीड़िता को दिया है।
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जिला अस्पताल में तैनात वार्ड ब्वाय वसीम सिद्दीकी जीत सिक्योरिटी कंपनी का कर्मचारी था। उसकी संविदा पर तैनाती की गई थी। वसीम सिद्दीकी का आरोप है कि उसको आधा-अधूरा मानदेय दिया जा रहा है। इसके अलावा हर महीने कटने वाला ईपीएफ का भी गोलमाल किया जा रहा है। अधिकारियों से शिकायत करते हुए वसीम सिद्दीकी ने महिला लिपिक नीलिमा उपाध्याय व एजेंसी प्रबंधक सुजीत दुबे पर गंभीर आरोप लगाए थे।
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दोनों पर वित्तीय अनियमितता का आरोप था। वसीम सिद्दीकी का आरोप है कि शिकायत के बाद एजेंसी प्रबंधक सुजीत दुबे ने उसको जान से मारने की धमकी दी थी, साथ ही झूठे मुकदमे में फंसाने की बात कही थी। इसकी शिकायत वसीम सिद्दीकी ने सदर कोतवाली पुलिस से की थी। इस मामले की जांच के लिए मंगलवार को एसएसआई विनोद यादव सीएमएस डॉ. दीपक सेठ के पास पहुंचे। पूछताछ के बाद उन्होंने अन्य कर्मचारियों से भी सवाल-जवाब किया। पुलिस के पहुंचने से जिला अस्पताल में हड़कंप मचा रहा। एसएसआई विनोद यादव का कहना है कि प्रकरण की जांच की जा रही है।
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संयुक्त जिला चिकित्सालय में वार्ड ब्वाय के पद पर तैनात संविदा कर्मी की सेवा संबंधित एजेंसी ने समाप्त कर दी है। सीएमएस को लिखे गए पत्र में जीत सिक्योरिटी सर्विसेज के सुजीत दुबे ने बताया कि सिक्योरिटी के माध्यम से अस्पताल में तैनात वार्ड ब्याव वसीम सिद्दीकी की सेवा समाप्त की जाती है। संस्था की कार्रवाई का पत्र मिलने के बाद सीएमएस ने वसीम को को अस्पताल से बाहर कर दिया है।
चरवा थाना क्षेत्र की एक पीड़िता मंगलवार को पुलिस अधीक्षक वीके मिश्र से मिली। आरोप लगाया कि 25 दिसंबर 2016 की रात गांव के बेनी सिंह, भगौती सिंह व मान सिंह ने बलात्कार किया था। 100-डॉयल के बाद पहुंची पुलिस ने मामले की रिपोर्ट भी दर्ज किया। रिपोर्ट दर्ज करने के बाद भी चरवा पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं कर रही है। उधर, आरोपी आए दिन पीड़िता को जान से मारने की धमकी दे रहें हैं, जिसके चलते पीड़िता घटना के बाद से मायके में गुजर बसर कर रही है। एसपी ने कार्रवाई कराने का आश्वासन पीड़िता को दिया है।