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जिला अस्पताल में ज्वॉइनिंग के नाम पर लिपिक मांग रहा एक माह का वेतन
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Clerk is demanding one month's salary in the name of joining in district hospital
- फोटो : KAUSHAMBI
संयुक्त जिला चिकित्सालय में तैनात बाबू ने ज्वॉइनिंग के नाम पर एक चिकित्सक से एक माह का वेतन मांग लिया। चिकित्सक ने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल के साथ ही जिलाधिकारी से की है।
मुख्यमंत्री पोर्टल पर दिए गए शिकायती पत्र में डॉ. अजीत सिंह ने बताया कि ईएनटी विशेषज्ञ के पद पर उसने स्वास्थ्य भवन में पिछले दो अगस्त को साक्षात्कार दिया।
साक्षात्कार में सफल होने पर उन्हें संयुक्त जिला चिकित्सालय कौशाम्बी आवांटित किया गया। योगदान आख्या देने जिला अस्पताल गए तो वहां पर तैनात लिपिक ने उनसे एक माह का वेतन सुविधा शुल्क के नाम पर मांगे। डॉक्टर ने असमर्थता जताते हुए मामले की शिकायत विभागीय अफसरों से की।
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लेकिन, कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर इससे पीड़ित डॉक्टर ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर रिश्वतखोरी की शिकायत कर दी। इसके अलावा डीएस से भी आरोपी की शिकायत की गई है।
हमेशा चर्चा में बना रहता है लिपिक
संयुक्त जिला चिकित्सालय में तैनात लिपिक हमेशा सुर्खियों में रहता है। लिपिक के खिलाफ पिछले वर्ष फर्जी तरीके से पांच बाबुओं की नियुक्ति के मामले में एसपी सतर्कता अधिष्ठान द्वारा जांच की जा रही है। इसके बावजूद भी बाबू की आदतों में कोई सुधार नहीं हो रहा है। लोगों का आरोप है कि नौ डॉक्टरों की तैनाती जिला अस्पताल में की गई है। लेकिन रिश्वतखोरी के कारण डॉक्टर अपना कार्यभार नहीं ग्रहण कर पा रहे हैं।
छुटटी व ड्यूटी के नाम पर बाबू करता है वसूली
संयुक्त जिला चिकित्सालय में ड्यूटी लगाने व छुट्टी के नाम पर वार्ड ब्वॉय व स्टाफ नर्स के सूपर वाइजर से मिलीभगत कर जमकर वसूली की जाती है। इस वजह से आए दिन चिकित्सकों व कर्मचारी हड़ताल पर चले जाते हैं। इससे जिला अस्पताल आने वाले मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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मुख्यमंत्री पोर्टल पर दिए गए शिकायती पत्र में डॉ. अजीत सिंह ने बताया कि ईएनटी विशेषज्ञ के पद पर उसने स्वास्थ्य भवन में पिछले दो अगस्त को साक्षात्कार दिया।
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साक्षात्कार में सफल होने पर उन्हें संयुक्त जिला चिकित्सालय कौशाम्बी आवांटित किया गया। योगदान आख्या देने जिला अस्पताल गए तो वहां पर तैनात लिपिक ने उनसे एक माह का वेतन सुविधा शुल्क के नाम पर मांगे। डॉक्टर ने असमर्थता जताते हुए मामले की शिकायत विभागीय अफसरों से की।
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लेकिन, कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर इससे पीड़ित डॉक्टर ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर रिश्वतखोरी की शिकायत कर दी। इसके अलावा डीएस से भी आरोपी की शिकायत की गई है।
हमेशा चर्चा में बना रहता है लिपिक
संयुक्त जिला चिकित्सालय में तैनात लिपिक हमेशा सुर्खियों में रहता है। लिपिक के खिलाफ पिछले वर्ष फर्जी तरीके से पांच बाबुओं की नियुक्ति के मामले में एसपी सतर्कता अधिष्ठान द्वारा जांच की जा रही है। इसके बावजूद भी बाबू की आदतों में कोई सुधार नहीं हो रहा है। लोगों का आरोप है कि नौ डॉक्टरों की तैनाती जिला अस्पताल में की गई है। लेकिन रिश्वतखोरी के कारण डॉक्टर अपना कार्यभार नहीं ग्रहण कर पा रहे हैं।
छुटटी व ड्यूटी के नाम पर बाबू करता है वसूली
संयुक्त जिला चिकित्सालय में ड्यूटी लगाने व छुट्टी के नाम पर वार्ड ब्वॉय व स्टाफ नर्स के सूपर वाइजर से मिलीभगत कर जमकर वसूली की जाती है। इस वजह से आए दिन चिकित्सकों व कर्मचारी हड़ताल पर चले जाते हैं। इससे जिला अस्पताल आने वाले मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।