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Kaushambi News: पांच से 17 साल तक के बच्चों के दिल की होगी मुफ्त जांच
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बच्चों में दिल की बीमारियों की समय से पहचान करने और उनके इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक विशेष स्क्रीनिंग अभियान चलाया जाएगा। आरएचडी (रूमेटिक हार्ट डिजीज) अभियान को नाम दिया गया है। इसमें शहरी, ग्रामीण इलाकों के सरकारी के साथ निजी विद्यालयों के पांच से 17 साल तक के बच्चों की जांच होगी।
बच्चों में जन्म के बाद से होने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए सरकार की ओर से अलग-अलग अभियान चलाए जाते हैं। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत 17 साल तक के बच्चों की दिल जुड़ी नि:शुल्क जांच और इलाज होगा। इसके तहत सरकारी विद्यालयों को शामिल कर यहां डॉक्टरों की टीम भ्रमण कर बच्चों की स्क्रीनिंग करेगी।
सीएमओ डॉ. संजय कुमार ने बताया कि किसी बच्चे के दिल में छेद या अन्य समस्या मिलती है तो उसका निशुल्क इलाज करवाया जाता है। जल्द ही रूमेटिक ह्रदय रोग रोको अभियान चलाया जाएगा।
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इन बच्चों को है दिल की बीमारी
चकथांभा गांव के वीरेंद्र का चार वर्षीय बेटा हिमांशु, अंबावा पश्चिम में अंकुर का बेटा प्रियांश व बंधवा के मनीष का बेटे आर्यन समेत तीनों बच्चे जन्मजात ह्रदय रोग से पीड़ित हैं। जिनको इलाज के लिए आरबीएसकी की टीम ने सोमवार को मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विशेषज्ञ को दिखाया। उन्होंने तीनों बच्चों को अलीगढ़ इलाज के लिए रेफर कर दिया। इसके बाद बच्चों के परिजन मंगलवार की शाम संगम एक्सप्रेस से अलीगढ़ के निकल गए।
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बच्चों में जन्म के बाद से होने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए सरकार की ओर से अलग-अलग अभियान चलाए जाते हैं। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत 17 साल तक के बच्चों की दिल जुड़ी नि:शुल्क जांच और इलाज होगा। इसके तहत सरकारी विद्यालयों को शामिल कर यहां डॉक्टरों की टीम भ्रमण कर बच्चों की स्क्रीनिंग करेगी।
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सीएमओ डॉ. संजय कुमार ने बताया कि किसी बच्चे के दिल में छेद या अन्य समस्या मिलती है तो उसका निशुल्क इलाज करवाया जाता है। जल्द ही रूमेटिक ह्रदय रोग रोको अभियान चलाया जाएगा।
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इन बच्चों को है दिल की बीमारी
चकथांभा गांव के वीरेंद्र का चार वर्षीय बेटा हिमांशु, अंबावा पश्चिम में अंकुर का बेटा प्रियांश व बंधवा के मनीष का बेटे आर्यन समेत तीनों बच्चे जन्मजात ह्रदय रोग से पीड़ित हैं। जिनको इलाज के लिए आरबीएसकी की टीम ने सोमवार को मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विशेषज्ञ को दिखाया। उन्होंने तीनों बच्चों को अलीगढ़ इलाज के लिए रेफर कर दिया। इसके बाद बच्चों के परिजन मंगलवार की शाम संगम एक्सप्रेस से अलीगढ़ के निकल गए।