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तालाबों के अस्तित्व पर मंडराया खतरा
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Tue, 10 May 2016 01:00 AM IST
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करारी थाने के म्योहर गांव में आबादी के बगल स्थित तालाबों का अस्तित्व खत्म होता जा रहा है। लोग खुलेआम तालाब रकबे को पाटकर भवन निर्माण करा रहे हैं। लेखपाल ऊपरी आमदनी के चलते एक भी मामले की एफआईआर नहीं दर्ज करा रहा है। इसके चलते गांव के चार तालाबों का अस्तित्व खत्म होता जा रहा है।
तालाबी भूमि से अतिक्रमण हटवाने को लेकर न्यायालय बेहद संजीदा है। इसके लिए जिले में डीएम की अध्यक्षता में अतिक्रमण हटाओ समिति भी गठित है। तालाबों से अतिक्रमण हटवाने के लिए सदस्यों की हर माह बैठक भी होती है लेकिन करारी थाने के म्योहर गांव में तैनात हल्का लेखपाल के लिए न्यायालय और उच्चाधिकारियों का आदेश कोई मायने नहीं रखता। आरोप है कि गांव के किनारे स्थित तालाबों में लोगों ने मकान का निर्माण कर लिया ।
खास बात तो यह है कि लेखपाल ने एक भी तालाब पर हुए निर्माण की रिपोर्ट तक नहीं दर्ज कराई। बानगी के तौर पर गांव के विस्वा, कलोखर, बभना, रेवरी आदि तालाबों को लिया जा सकता है। इन तालाबों पर सौ से अधिक घरों का निर्माण कर अतिक्रमण कर लिया गया। कुछ जगहों पर मिट्टी डालकर अतिक्रमण जारी है। अतिक्रमण के चलते मिट रहे तालाबों के अस्तित्व को लेकर हल्का लेखपाल तनिक भी संजीदा नहीं है। इसके चलते गांव के किनारे स्थित तालाबों के अस्तित्व पर संकट उत्पन्न हो गया है।
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तालाबी भूमि से अतिक्रमण हटवाने को लेकर न्यायालय बेहद संजीदा है। इसके लिए जिले में डीएम की अध्यक्षता में अतिक्रमण हटाओ समिति भी गठित है। तालाबों से अतिक्रमण हटवाने के लिए सदस्यों की हर माह बैठक भी होती है लेकिन करारी थाने के म्योहर गांव में तैनात हल्का लेखपाल के लिए न्यायालय और उच्चाधिकारियों का आदेश कोई मायने नहीं रखता। आरोप है कि गांव के किनारे स्थित तालाबों में लोगों ने मकान का निर्माण कर लिया ।
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खास बात तो यह है कि लेखपाल ने एक भी तालाब पर हुए निर्माण की रिपोर्ट तक नहीं दर्ज कराई। बानगी के तौर पर गांव के विस्वा, कलोखर, बभना, रेवरी आदि तालाबों को लिया जा सकता है। इन तालाबों पर सौ से अधिक घरों का निर्माण कर अतिक्रमण कर लिया गया। कुछ जगहों पर मिट्टी डालकर अतिक्रमण जारी है। अतिक्रमण के चलते मिट रहे तालाबों के अस्तित्व को लेकर हल्का लेखपाल तनिक भी संजीदा नहीं है। इसके चलते गांव के किनारे स्थित तालाबों के अस्तित्व पर संकट उत्पन्न हो गया है।
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