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कारोबारी की अगवा बेटी का डेढ़ महीने बाद भी सुराग नहीं
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कारोबारी की अगवा बेटी का डेढ़ महीने बाद भी सुराग नहीं
करारी कस्बे में 27 जून को दिनदहाड़े हुई थी घटना, हो चुका है बवाल
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। दिनदहाड़े अगवा की गई कारोबारी की बेटी का पुलिस डेढ़ महीने बाद भी सुराग नहीं लगा सकी है। अपहर्ता भी पकड़ा नहीं जा सका है। इसे लेकर जिले भर के कारोबारी खफा हैं। पुलिसिया ढिलाई का आलम यही रहा तो फिर किसी भी रोज व्यापारियों का गुस्सा फूट सकता है।
करारी नगर के एक दवा व्यवसाई की बेटी का 27 जून को कस्बे में ही रहने वाले दूसरे समुदाय के एक युवक ने अपहरण कर लिया था। लड़की की बरामदगी अभी तक नहीं हो पाई है। अपहर्ता भी पुलिस की पकड़ से दूर है। घटना से नाराज परिजनों, कारोबारियों व विहिप कार्यकर्ताओं ने 10 जुलाई को करारी चौराहे पर चक्काजाम करके जमकर बवाल किया था। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठियां भांजनी पड़ी थी। इस सनसनीखेज वारदात में तत्कालीन एसओ राजेश सिंह लाइन हाजिर हो चुके हैं। जांच के लिए स्थानीय पुलिस के साथ एसओजी को भी लगाया गया है। चार टीमें गठित की गई हैं। पुलिस की सभी टीमें हवा में तीर मार रही हैं। अपहर्ता की मदद करने वाले उसके भाई व दो अन्य रिश्तेदारों को जेलकर पुलिस प्रकरण को भूल सी गई है। अब न कहीं दबिश दी जा रही है और न ही किसी को पकड़ा जा रहा है। लड़की को कब बरामद किया जाएगा ? आरोपी कब गिरफ्तार होगा ? इन सवालों का जवाब किसी के पास नहीं है। पुलिस की ढिलाई से व्यापारियों, परिजनों में आक्रोश है। हालत यही रही तो कभी भी फिर से हंगामा हो सकता है।
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करारी कस्बे में 27 जून को दिनदहाड़े हुई थी घटना, हो चुका है बवाल
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। दिनदहाड़े अगवा की गई कारोबारी की बेटी का पुलिस डेढ़ महीने बाद भी सुराग नहीं लगा सकी है। अपहर्ता भी पकड़ा नहीं जा सका है। इसे लेकर जिले भर के कारोबारी खफा हैं। पुलिसिया ढिलाई का आलम यही रहा तो फिर किसी भी रोज व्यापारियों का गुस्सा फूट सकता है।
करारी नगर के एक दवा व्यवसाई की बेटी का 27 जून को कस्बे में ही रहने वाले दूसरे समुदाय के एक युवक ने अपहरण कर लिया था। लड़की की बरामदगी अभी तक नहीं हो पाई है। अपहर्ता भी पुलिस की पकड़ से दूर है। घटना से नाराज परिजनों, कारोबारियों व विहिप कार्यकर्ताओं ने 10 जुलाई को करारी चौराहे पर चक्काजाम करके जमकर बवाल किया था। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठियां भांजनी पड़ी थी। इस सनसनीखेज वारदात में तत्कालीन एसओ राजेश सिंह लाइन हाजिर हो चुके हैं। जांच के लिए स्थानीय पुलिस के साथ एसओजी को भी लगाया गया है। चार टीमें गठित की गई हैं। पुलिस की सभी टीमें हवा में तीर मार रही हैं। अपहर्ता की मदद करने वाले उसके भाई व दो अन्य रिश्तेदारों को जेलकर पुलिस प्रकरण को भूल सी गई है। अब न कहीं दबिश दी जा रही है और न ही किसी को पकड़ा जा रहा है। लड़की को कब बरामद किया जाएगा ? आरोपी कब गिरफ्तार होगा ? इन सवालों का जवाब किसी के पास नहीं है। पुलिस की ढिलाई से व्यापारियों, परिजनों में आक्रोश है। हालत यही रही तो कभी भी फिर से हंगामा हो सकता है।
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