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Kaushambi News: सैनी बस अड्डे पर धूप में तप रहीं बसें, खिड़कियों के कांच भी गायब
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सैनी बस अड्डे पर खड़ी रोडवेज। संवाद
नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण की जद में आए सैनी बस अड्डे का आगे का हिस्सा तोड़कर सड़क में मिला दिया गया है। अब यहां बस खड़ी करने की पर्याप्त जगह नहीं है। गर्मी में तेज धूप में खड़ी बसें चंद मिनटों में आग उगलने लगती हैं। जिससे सफर करने वाले यात्रियों को परेशान होना पड़ता है।
कानपुर-प्रयागराज के बीच स्थित सैनी बस अड्डे पर फतेहपुर, विकास नगर, फजलगंज, लीडर रोड, उरई, जीरो रोड, मिर्जापुर और कैंट बनारस डिपो की करीब सौ बसों का ठहराव होता है। इसमें लगभग एक हजार यात्री प्रतिदिन सफर करते हैं। पांच साल पहले हाईवे के चौड़ीकरण दौरान स्टेशन का अगला हिस्सा तोड़कर सड़क में मिला दिया गया था।
तब से बसें खुले आसमान के नीचे खड़ी होती हैं। इस समय पड़ रही प्रचंड गर्मी से दो मिनट में ही बसें तपने लगती हैं। अधिकांश बसों की खिड़कियों में कांच नहीं हैं। जिससे लू थपेड़ों से यात्रियों को परेशान होना पड़ता है। कानपुर के रामकिशन ने बताया गर्मी के दिनों में रोडवेज बसों में सफर करना यातना लगता है।
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खटारा हो चुकी बसों में खिड़की की व्यवस्था नहीं होने के साथ बस अड्डे पर छावनी का इंतजाम नहीं है। यात्री रमेश कुमार सोनी ने बताया सैनी बस अड्डे पर दो मिनट बस खड़ी होने पर ही शरीर पसीने से तर हो जाता है।
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कानपुर-प्रयागराज के बीच स्थित सैनी बस अड्डे पर फतेहपुर, विकास नगर, फजलगंज, लीडर रोड, उरई, जीरो रोड, मिर्जापुर और कैंट बनारस डिपो की करीब सौ बसों का ठहराव होता है। इसमें लगभग एक हजार यात्री प्रतिदिन सफर करते हैं। पांच साल पहले हाईवे के चौड़ीकरण दौरान स्टेशन का अगला हिस्सा तोड़कर सड़क में मिला दिया गया था।
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तब से बसें खुले आसमान के नीचे खड़ी होती हैं। इस समय पड़ रही प्रचंड गर्मी से दो मिनट में ही बसें तपने लगती हैं। अधिकांश बसों की खिड़कियों में कांच नहीं हैं। जिससे लू थपेड़ों से यात्रियों को परेशान होना पड़ता है। कानपुर के रामकिशन ने बताया गर्मी के दिनों में रोडवेज बसों में सफर करना यातना लगता है।
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खटारा हो चुकी बसों में खिड़की की व्यवस्था नहीं होने के साथ बस अड्डे पर छावनी का इंतजाम नहीं है। यात्री रमेश कुमार सोनी ने बताया सैनी बस अड्डे पर दो मिनट बस खड़ी होने पर ही शरीर पसीने से तर हो जाता है।