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Kaushambi News: भाई ने फोटो देख जिस बहन को मरा था बताया, तीन माह बाद जिंदा मिली

Wed, 02 Jul 2025 12:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी Updated Wed, 02 Jul 2025 12:16 AM IST
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Brother saw photo and said that his sister was dead, found alive after three months
करीब तीन महीने पहले रेलवे ट्रैक पर एक किशोरी की लाश मिली थी, जिसकी फोटो देखकर एक युवक ने अपनी बहन की रूप में पहचान की थी। मामले में दो युवकों के खिलाफ अगवा कर हत्या करने का मुकदमा दर्ज किया गया। लेकिन पुलिस को प्रकरण पर संदेह था। तफ्तीश चल ही रही थी कि किशोरी जिंदा मिल गई।
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मंगलवार को एसपी राजेश कुमार ने पत्रकार वार्ता में बताया कि कोखराज इलाके की एक किशोरी 17 मार्च को संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गई थी। अगले दिन 18 मार्च को नौढ़िया गांव के सामने रेलवे ट्रैक पर एक किशोरी का क्षत-विक्षत शव मिला। पूर्वा एक्सप्रेस के चालक की सूचना पर पुलिस ने अज्ञात में शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। दो दिन बाद 20 मार्च को इलाके की एक महिला ने कोतवाली पहुंचकर नाबालिग बेटी के गुमशुदगी की तहरीर दी।
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22 मार्च को लापता किशोरी के भाई, माता-पिता व अन्य लोग फिर से कोतवाली पहुंचे। 18 मार्च को रेलवे लाइन पर मिले शव को गुमशुदा किशोरी के होने की आशंका जताई। शव की फोटो दिखाई गई तो भाई ने उसे अपनी बहन का बताया। मामले में गिरधरपुर गढ़ी निवासी विष्णु और विदनपुर निवासी संदीप पर अपहरण कर हत्या का आरोप लगाया। परिजनों ने अंतिम संस्कार के लिए शव मांगा। लेकिन 72 घंटे तक ही लावारिस शव रखा जाता है, इसलिए अंतिम संस्कार करा दिया गया था।
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परिजनों ने कार्रवाई न कराने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया तो अपहरण और हत्या का मुकदमा दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी। इससे पहले किशोरी के शव का डीएनए सैंपल पुलिस ने सुरक्षित करवा लिया था। बाद में किशोरी के मां-बाप का भी सैंपल लेकर प्रयोगशाला भेजा गया। हालांकि, अभी तक डीएनए रिपोर्ट नहीं आई है।
इसी बीच इंस्पेक्टर चंद्रभूषण मौर्या को पता चला कि किशोरी जिंदा है, वह अपने परिजनों के संपर्क में है। सोमवार को किशोरी को शहजादपुर गांव से सकुशल बरामद कर लिया। किशोरी की बरामदगी से आरोपी विष्णु और संदीप ने राहत महसूस की।
इनसेट
प्रेमी के बचाव में उतरी पीड़ित किशोरी
किशोरी ने अपने 164 के बयान में बताया कि घर में काम का दबाव अधिक होने से नाराज होकर वह 17 मार्च को अकेले उज्जैन चली गई थी। वहां पर एक महीने महाकाल मंदिर में रही। फिर वहां से काम की तलाश में पुणे चली गई। पुणे के ज्योति नगर मोहल्ला स्थित ज्योतिबा कंपनी में फैन पैकिंग का काम करने लगी। विष्णु से प्रेम संबंध की बात स्वीकारी लेकिन बताया कि साल भर पहले ही उसके रिश्ते खराब हो गए थे। वह बंगलूरू में रहता है। मदद मांगने पर उसने कुछ पैसा भेज दिया था। मैं उससे नहीं मिली। जब मुझे पता चला कि विष्णु के खिलाफ घर वालों ने रिपोर्ट दर्ज करा दी है तो मैंने घर वालों को फोन कर घटना की जानकारी दी।
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भाई से इंस्टाग्राम पर करती थी बात



छानबीन में जुटी पुलिस को पता चला कि किशोरी अपने भाई से इंस्टग्राम के माध्यम से बात करती थी। पुलिस ने किशोरी के भाई से पूछताछ की तो उसने कुबूल कर लिया। इस पर पुलिस ने साइबर सेल के जरिये किशोरी की इंस्टाग्राम आईडी को ट्रैक करते हुए कोखराज थाना क्षेत्र के शहजादपुर के पास से बरामद कर लिया।


इनसेट



आखिर किसका था रेलवे ट्रैक पर मिला शव

किशोरी की बरामदगी के बाद अब सवाल उठ रहा है कि आखिर 18 मार्च को रेलवे ट्रैक पर मिला क्षत-विक्षत शव किसका था। बिना किसी ठोस सबूत के शव की शिनाख्त परिजनों ने किशोरी के रूप में कैसे कर ली थी। पुलिस के लिए अब उस अज्ञात शव की पहचान कराना भी एक चुनौती होगा।
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