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बोर्ड परीक्षा: 6 दिन में पकड़े गए 50 नकलची
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
Updated Thu, 26 Feb 2015 12:43 AM IST
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मंझनपुर। नकलमंडी कौशाम्बी की बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने को डीएम की सख्ती का असर दिखने लगा है। इसके कारण जहां अब तक करीब नौ हजार परीक्षार्थियों ने इम्तहान से तौबा कर ली है। वहीं छह दिन की परीक्षा के दौरान अब तक 50 छात्र-छात्राएं नकल करते पकड़ी जा चुके हैं। साथ ही कौशाम्बी के परीक्षा केंद्रों की हकीकत खंगालने के लिए शासन की टीम ने भी डेरा डाल रखा है। संयुक्त सचिव सीपी सिंह ने बुधवार को चार परीक्षा केंद्रों की जांच की। शासन की यह टीम बृहस्पतिवार को भी कौशाम्बी में दोनों पालियों में होने वाली परीक्षा के दौरान केंद्रों की जांच करेगी।
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में इस बार कुल 56 हजार परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इनमें तमाम ऐसे भी परीक्षार्थी शामिल थे, जो दूसरे जिले और राज्यों के रहने वाले हैं। वे यहां नकल के भरोसे हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण करना चाहते थे। पर, इस बार जिलाधिकारी राजमणि यादव ने बोर्ड परीक्षा के दौरान नकल पर लगभग अंकुश लगा रखा है। इसकी वजह से जहां नौ हजार छात्र-छात्राएं परीक्षा छोड़ चुके हैं।
वहीं छह दिन की परीक्षा के दौरान हाईस्कूल के 40 और इंटरमीडिएट के 10 छात्र-छात्राओं को नकल करते मिलने पर रस्टीकेट भी किया जा चुका है। इतना ही नहीं नकलविहीन परीक्षा कराने में विफल रहने पर बुधवार को डीएम के निर्देश पर डीआईओएस ने राजकीय कन्या इंटर कालेज कड़ा की प्रधानाचार्य मधुकला को भी केंद्र व्यवस्थापक पद से हटा दिया है। मधुकला के स्थान पर कड़ा स्कूल की ही शिक्षिका संगीता देवी (प्रथम) को नई केंद्र व्यवस्था नियुक्ति किया गया है।
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बता दें कि मधुकला से पहले यह कार्रवाई कस्तूरबा गांधी बालिका इंटर कालेज भरवारी की प्रधानाचार्य और आदर्श ग्रामसभा इंटर कालेज के प्रधानाचार्य पर भी हो चुकी है। उधर, यूपी बोर्ड की परीक्षा की जांच संयुक्त सचिव सीपी सिंह की अगुवाई में शासन की टीम ने भी कौशाम्बी में डेरा डाल रखा है। बुधवार की इस टीम ने कस्तूरबा गांधी बालिका स्कूल भरवारी, जैनुल आब्दीन इंटर कालेज दारानगर समेत चार परीक्षा केंद्रों की जांच की। डीआईओएस राजशेखर सिंह ने बताया कि शासन की यह टीम बृहस्पतिवार को भी परीक्षा केंद्रों की जांच करेगी।
कौशाम्बी में बोर्ड परीक्षा के दौरान नकल रोकने को डीएम की जबरदस्त सख्ती के बाद भी कुछ परीक्षा केंद्रों पर नकल माफिया हावी हैं। ऐसा ही एक परीक्षा केंद्र अजुहा में भी है। जहां नकल होने की शिकायत स्थानीय कुछ लोगों ने माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री विजय बहादुर पाल से की है। शिकायकर्ताओं का आरोप है कि इस परीक्षा केंद्र में डीएम की सख्ती के बाद भी इमला बोलकर नकल कराई जा रही है। साथ ही नकल के नाम पर छात्र-छात्राओं से जबरदस्ती पैसे भी वसूले जा रहे हैं। नकल में नाम पर पैसे नहीं देने वाले परीक्षार्थियों को प्रताड़ित भी किया जा रहा है।
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यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में इस बार कुल 56 हजार परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इनमें तमाम ऐसे भी परीक्षार्थी शामिल थे, जो दूसरे जिले और राज्यों के रहने वाले हैं। वे यहां नकल के भरोसे हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण करना चाहते थे। पर, इस बार जिलाधिकारी राजमणि यादव ने बोर्ड परीक्षा के दौरान नकल पर लगभग अंकुश लगा रखा है। इसकी वजह से जहां नौ हजार छात्र-छात्राएं परीक्षा छोड़ चुके हैं।
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वहीं छह दिन की परीक्षा के दौरान हाईस्कूल के 40 और इंटरमीडिएट के 10 छात्र-छात्राओं को नकल करते मिलने पर रस्टीकेट भी किया जा चुका है। इतना ही नहीं नकलविहीन परीक्षा कराने में विफल रहने पर बुधवार को डीएम के निर्देश पर डीआईओएस ने राजकीय कन्या इंटर कालेज कड़ा की प्रधानाचार्य मधुकला को भी केंद्र व्यवस्थापक पद से हटा दिया है। मधुकला के स्थान पर कड़ा स्कूल की ही शिक्षिका संगीता देवी (प्रथम) को नई केंद्र व्यवस्था नियुक्ति किया गया है।
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बता दें कि मधुकला से पहले यह कार्रवाई कस्तूरबा गांधी बालिका इंटर कालेज भरवारी की प्रधानाचार्य और आदर्श ग्रामसभा इंटर कालेज के प्रधानाचार्य पर भी हो चुकी है। उधर, यूपी बोर्ड की परीक्षा की जांच संयुक्त सचिव सीपी सिंह की अगुवाई में शासन की टीम ने भी कौशाम्बी में डेरा डाल रखा है। बुधवार की इस टीम ने कस्तूरबा गांधी बालिका स्कूल भरवारी, जैनुल आब्दीन इंटर कालेज दारानगर समेत चार परीक्षा केंद्रों की जांच की। डीआईओएस राजशेखर सिंह ने बताया कि शासन की यह टीम बृहस्पतिवार को भी परीक्षा केंद्रों की जांच करेगी।
कौशाम्बी में बोर्ड परीक्षा के दौरान नकल रोकने को डीएम की जबरदस्त सख्ती के बाद भी कुछ परीक्षा केंद्रों पर नकल माफिया हावी हैं। ऐसा ही एक परीक्षा केंद्र अजुहा में भी है। जहां नकल होने की शिकायत स्थानीय कुछ लोगों ने माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री विजय बहादुर पाल से की है। शिकायकर्ताओं का आरोप है कि इस परीक्षा केंद्र में डीएम की सख्ती के बाद भी इमला बोलकर नकल कराई जा रही है। साथ ही नकल के नाम पर छात्र-छात्राओं से जबरदस्ती पैसे भी वसूले जा रहे हैं। नकल में नाम पर पैसे नहीं देने वाले परीक्षार्थियों को प्रताड़ित भी किया जा रहा है।