फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kaushambi News ›   Be careful... screen addiction is drying up your eyes

Kaushambi News: संभलिए... स्क्रीन की लत से सूख रहा आंखों का पानी

Thu, 11 Dec 2025 12:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी Updated Thu, 11 Dec 2025 12:52 AM IST
विज्ञापन
Be careful... screen addiction is drying up your eyes
करारी में आंखों के जांच करते डॉक्टर-संवाद
मोबाइल फोन और लैपटॉप का अधिक समय तक प्रयोग आंखों की सेहत के लिए नुकसानदेह साबित हो रहा है। लगातार घंटों स्क्रीन पर टकटकी लगाने से नेत्रों की कोशिकाएं सूख रही हैं और पुतलियों का आकार भी घट-बढ़ रहा है।
विज्ञापन


जिला अस्पताल के डॉक्टरों के पास इस तरह की समस्याओं वाले 25-30 बच्चे रोजाना पहुंच रहे हैं। निजी चिकित्सकों और जिला अस्पताल में आंख रोग विशेषज्ञ के पास हर रोज 80 से 100 मरीज पहुंचते हैं। इसमें 20 से 25 बच्चों में आंखों की रोशनी कम मिल रही है। इन बच्चों की उम्र पांच से 10 साल के बीच है।
विज्ञापन

डॉक्टर से पूछताछ में अभिभावकों ने बच्चे के दो से तीन घंटा मोबाइल देखने की बात कही है। मोबाइल के लगातार प्रयोग से इससे उनकी आंखों की रोशनी कम हो रही है। इसके अलावा मोबाइल और लैपटॉप पर बच्चों का समय अधिक बीत रहा है। इनकी रोशनी रेटिना पर ऐसा असर डाल रही है कि आंखों के अंदर की कोशिकाएं सूखने लगतीं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


करारी के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. जमीर हैदर ने बताया कि मोबाइल और लैपटॉप के कारण मायोपिया और हाइपर मेट्रोपिया के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। समय रहते अगर इस पर ध्यान न दिया जाए तो आंखों की रोशनी धीरे-धीरे कम हो जाती है और बाद में दिखना बंद हो सकता है।

डॉक्टर ने बताया कि यह बीमारी तेजी से बच्चों में देखने को मिल रही है जबकि मायोपिया और हाइपर मेट्रोपिया पहले 35 वर्ष से ऊपर के लोगों में देखने को मिलती थी। उन्होंने बताया कि सामान्य आंखों का आकार 20 से 23 मिमी होता है। जबकि पुतली का आकार 10 से 12 मिमी होता है।
ऐसे करें बचाव

-बच्चों को मोबाइल कम से कम दें।

-दिन में तीन से चार बार आंखों को ठंडे पानी से अच्छी तरह धोएं।

-धूप या धूल-मिट्टी वाली जगह पर जाएं तो चश्मा पहनें।

-खाने में दूध, मक्खन, गाजर, देसी घी और हरी सब्जियां शामिल करें।

-समय-समय पर आंखों की जांच कराते रहें।

-हर 20 मिनट में 20 सेकेंड के लिए 20 फीट दूर देखें।

-एक मिनट में पांच से दस बार पलक झपकाएं।

-मोबाइल में ब्लू लाइट फिल्टर लगाकर काम करें।

-आंखों और स्क्रीन के बीच एक फीट की दूरी जरूर रखें।

-पर्याप्त रोशनी में ही डिजिटल उपकरणों का इस्तेमाल करें।

-सोने से एक घंटे पहले डिजिटल उपकरणों का प्रयोग न करें।

-स्मार्टफोन को भी बिस्तर से दूर रखें।

-साल में एक बार आंखों की जांच कराएं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed