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Kaushambi News: अदालत में लगाई गुहार तो दर्ज हुआ मुकदमा
Thu, 09 May 2024 02:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Thu, 09 May 2024 02:43 AM IST
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अदालत में लगाई गुहार तो दर्ज हुआ मुकदमा
- पीड़ित का आराेप दरोगा की दबंगई पर नहीं हुई सुनवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
चायल। पुलिस के एक खेल से मुकदमे का पीड़ित परेशान है। अदालती आदेश पर पुलिस ने मुकदमा तो दर्ज कर लिया, लेकिन मुकदमा दर्ज करने में हीलाहवाली करने वाले दरोगा का नाम सूची से अलग ही रहा। चरवा कोतवाली के चौराहीड निवासी कृष्णदेव का कहना है कि वह नौ मार्च को अपने खेत में काम कर रहा था। इसी दौरान पड़ोसी अतुल सेन आया और पुरानी बातों को लेकर गाली-गलौज करने लगा। विरोध करने पर उसने हमला कर उसका सिर फोड़ दिया। शोरगुल सुन पहुंची उसकी मां से भी गाली-गलौज की गई। आरोप है कि तहरीर लेकर कोतवाली पहुंचने पर थानाध्यक्ष ने उसे गाली-गलौज कर थाने से भगा दिया। इस पर पीड़ित ने कोर्ट की शरण ली। मंगलवार को पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर अतुल सेन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया, लेकिन दूसरे आरोपी थानाध्यक्ष चरवा (बलराम सिंह) का नाम आरोपियों की सूची में नहीं था। एफआईआर की नकल मिलने के बाद पीड़ित इंसाफ के लिए परेशान है। खास बात यह है कि मुकदमे की विवेचना भी थानाध्यक्ष बलराम सिंह ही करेंगे। ऐसे में मुकदमे की विवेचना पर सवाल उठने लगे हैं। एसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि एससी-एसटी एक्ट से जुड़े मामलों की विवेचना सर्किल अफसर करते हैं। फिर भी मुकदमा दर्ज करने में किसी तरह की गड़बड़ी की गई है तो जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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- पीड़ित का आराेप दरोगा की दबंगई पर नहीं हुई सुनवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
चायल। पुलिस के एक खेल से मुकदमे का पीड़ित परेशान है। अदालती आदेश पर पुलिस ने मुकदमा तो दर्ज कर लिया, लेकिन मुकदमा दर्ज करने में हीलाहवाली करने वाले दरोगा का नाम सूची से अलग ही रहा। चरवा कोतवाली के चौराहीड निवासी कृष्णदेव का कहना है कि वह नौ मार्च को अपने खेत में काम कर रहा था। इसी दौरान पड़ोसी अतुल सेन आया और पुरानी बातों को लेकर गाली-गलौज करने लगा। विरोध करने पर उसने हमला कर उसका सिर फोड़ दिया। शोरगुल सुन पहुंची उसकी मां से भी गाली-गलौज की गई। आरोप है कि तहरीर लेकर कोतवाली पहुंचने पर थानाध्यक्ष ने उसे गाली-गलौज कर थाने से भगा दिया। इस पर पीड़ित ने कोर्ट की शरण ली। मंगलवार को पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर अतुल सेन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया, लेकिन दूसरे आरोपी थानाध्यक्ष चरवा (बलराम सिंह) का नाम आरोपियों की सूची में नहीं था। एफआईआर की नकल मिलने के बाद पीड़ित इंसाफ के लिए परेशान है। खास बात यह है कि मुकदमे की विवेचना भी थानाध्यक्ष बलराम सिंह ही करेंगे। ऐसे में मुकदमे की विवेचना पर सवाल उठने लगे हैं। एसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि एससी-एसटी एक्ट से जुड़े मामलों की विवेचना सर्किल अफसर करते हैं। फिर भी मुकदमा दर्ज करने में किसी तरह की गड़बड़ी की गई है तो जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।