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Kaushambi News: गजब! तीन साल से हो रही बारिश...अटका सड़क निर्माण
Fri, 11 Jul 2025 01:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Fri, 11 Jul 2025 01:03 AM IST
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सिराथू। जिले में लगातार तीन साल से बारिश नहीं थम रही है। यह बात सुनने में भले ही अटपटी लग रही हो लेकिन पीडब्ल्यूडी विभाग की एक चिट्ठी ऐसा ही कुछ तस्दीक कर रही है। सरसवां ब्लॉक के तरसौरा गांव की बदहाल सड़क के बाबत वर्ष 2022 में सीएम पोर्टल पर दर्ज शिकायत पर विभाग ने बारिश के बाद मरम्मत कराने का जवाब लगाकर मामला निस्तारित दिखा दिया। जबकि, हकीकत में तीन साल बाद भी सड़क की हालत जस के तस बनी हुई है।
सरसवां विकास खंड के बड़हरी गांव निवासी वीरेंद्र त्रिपाठी के ट्यूबवेल से तरमौरा गांव के सुनील सिंह के घर तक डेढ़ किलोमीटर सड़क का निर्माण 2007 में मंडी परिषद से हुआ था। पांच साल बाद सड़क बदहाल हो गई। ऐसे में तरमौरा, देवरी, भगवतपुर, डेढावल और ठाकुर का पूरा आदि गांव के ग्रामीणों को आवागमन में दिक्कतें हो रही हैं।
जर्जर सड़क की मरम्मत के लिए वर्ष 2022 में तरमौरा गांव के चंद्रभान सिंह, श्रवण तिवारी, राम सिंह, रामनारायण और अशोक कुमार ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई थी। मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय ने पीडब्ल्यूडी विभाग से जांच कर आख्या मांगी गई थी। ऐसे में पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड के तत्कालीन एक्सईएन हंसाराम ने अवर अभियंता नंदिनी केसरवानी की रिपोर्ट पर बरसात के चलते गड्ढे में तब्दील हुए मार्ग के पैचिंग कार्य में दिक्कत बताते हुए मौसम अनुकूल होने पर मरम्मत कार्य कराने का जवाब दिया था।
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तीन साल का समय बीतने के बावजूद सड़क गड्ढा मुक्त नहीं की जा सकी है। गांव के सुनील कुमार, गुड्डू और दिनेश आदि ने बताया कि डेढ़ किलोमीटर की सड़क में सौ से अधिक गड्ढे होने के चलते अक्सर लोग हादसे का शिकार होते हैं। बारिश में पानी भर जाने से समस्या और बढ़ जाती है। राजकुमार ने बताया कि पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से 2017 में सड़क की मरम्मत किए जाने का दावा किया गया है। जबकि, कोई काम नहीं कराया गया है।
तरमौरा गांव की सड़क का निर्माण मंडी परिषद ने कराया है। ऐसे में मरम्मत भी इसी विभाग से होना है। विभाग की ओर से भेजे गए किसी पत्र के बारे में फिलहाल जानकारी नहीं है। -दयाशंकर, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड
तरमौरा गांव में जर्जर सड़क की जानकारी नहीं है। फिर भी मामला संज्ञान में आया है तो पीडब्ल्यूडी विभाग के एक्सईएन से जवाब मांगा जाएगा। -विनोद राम त्रिपाठी, सीडीओ
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सरसवां विकास खंड के बड़हरी गांव निवासी वीरेंद्र त्रिपाठी के ट्यूबवेल से तरमौरा गांव के सुनील सिंह के घर तक डेढ़ किलोमीटर सड़क का निर्माण 2007 में मंडी परिषद से हुआ था। पांच साल बाद सड़क बदहाल हो गई। ऐसे में तरमौरा, देवरी, भगवतपुर, डेढावल और ठाकुर का पूरा आदि गांव के ग्रामीणों को आवागमन में दिक्कतें हो रही हैं।
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जर्जर सड़क की मरम्मत के लिए वर्ष 2022 में तरमौरा गांव के चंद्रभान सिंह, श्रवण तिवारी, राम सिंह, रामनारायण और अशोक कुमार ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई थी। मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय ने पीडब्ल्यूडी विभाग से जांच कर आख्या मांगी गई थी। ऐसे में पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड के तत्कालीन एक्सईएन हंसाराम ने अवर अभियंता नंदिनी केसरवानी की रिपोर्ट पर बरसात के चलते गड्ढे में तब्दील हुए मार्ग के पैचिंग कार्य में दिक्कत बताते हुए मौसम अनुकूल होने पर मरम्मत कार्य कराने का जवाब दिया था।
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तीन साल का समय बीतने के बावजूद सड़क गड्ढा मुक्त नहीं की जा सकी है। गांव के सुनील कुमार, गुड्डू और दिनेश आदि ने बताया कि डेढ़ किलोमीटर की सड़क में सौ से अधिक गड्ढे होने के चलते अक्सर लोग हादसे का शिकार होते हैं। बारिश में पानी भर जाने से समस्या और बढ़ जाती है। राजकुमार ने बताया कि पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से 2017 में सड़क की मरम्मत किए जाने का दावा किया गया है। जबकि, कोई काम नहीं कराया गया है।
तरमौरा गांव की सड़क का निर्माण मंडी परिषद ने कराया है। ऐसे में मरम्मत भी इसी विभाग से होना है। विभाग की ओर से भेजे गए किसी पत्र के बारे में फिलहाल जानकारी नहीं है। -दयाशंकर, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड
तरमौरा गांव में जर्जर सड़क की जानकारी नहीं है। फिर भी मामला संज्ञान में आया है तो पीडब्ल्यूडी विभाग के एक्सईएन से जवाब मांगा जाएगा। -विनोद राम त्रिपाठी, सीडीओ