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गजब : एक ही आरोप में 12 साल बाद फिर मुल्जिम बना फिरोज
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कोखराज कोतवाली में दर्ज दहेज उत्पीड़न का एक मामला चर्चा का विषय बन गया है। जिस अपराध में 12 साल पहले रिपोर्ट दर्ज की गई थी, उसी मामले में दोबारा एफआईआर हो गई है। इतना ही नहीं इस बार मुकदमे एक मृतक को भी आरोपी बनाया गया है। मामले की जानकारी पर पुलिस को भूल का एहसास हुआ। अब बीच का रास्ता निकालते हुए पुलिस मामले में फाइनल रिपोर्ट लगाने की तैयारी कर रही है।
कोखराज कोतवाली के छीतापुर निवासी फिरोज अहमद की सात मई 2018 को सूफिया पुत्री शकील के साथ हुई थी। शादी के एक वर्ष बाद फिरोज पत्नी को बंगलूरू ले जाना चाहते थे। सूफिया इसके लिए राजी नहीं थी। इसे लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद होता था। इस पर सूफिया ने जून 2019 में महिला थाने में ससुरालियों के खिलाफ दहेज की मांग करने का शिकायती पत्र दिया।
पुलिस ने दोनों पक्षों को महिला थाने बुलाया गया, लेकिन समझौता नहीं हो सका। इस पर सूफिया ने सितंबर 2019 में अदालत के आदेश पर कोखराज कोतवाली में पति समेत चार लोगों के विरुद्ध दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया। अब इसी आरोप में मंगलवार को फिर से सूफिया ने पति समेत ससुरालियों के खिलाफ दोबारा दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज कराया है।
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हैरानी की बात यह है कि पुलिस ने बिना जांच के फिरोज के पिता सिराजुद्दीन को भी आरोपी बनाया है, जबकि उनकी मौत 12 साल पहले हो चुकी है। इससे पहले सूफिया ने परिवार न्यायालय में भरण-पोषण का वाद भी दायर कर रखा है। फिरोज व उसके घरवालों के खिलाफ एक ही अपराध में दर्ज दो अलग-अलग मुकदमा इलाके में चर्चा का विषय बना है। इस बाबत इंस्पेक्टर कोखराज पीके राय का कहना है कि पहले लिखे गए मुकदमे की जानकारी नहीं है। अगर एक ही अपराध में दो मुकदमे दर्ज किए गए हैं तो कोई बीच का रास्ता निकाला जाएगा।
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कोखराज कोतवाली के छीतापुर निवासी फिरोज अहमद की सात मई 2018 को सूफिया पुत्री शकील के साथ हुई थी। शादी के एक वर्ष बाद फिरोज पत्नी को बंगलूरू ले जाना चाहते थे। सूफिया इसके लिए राजी नहीं थी। इसे लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद होता था। इस पर सूफिया ने जून 2019 में महिला थाने में ससुरालियों के खिलाफ दहेज की मांग करने का शिकायती पत्र दिया।
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पुलिस ने दोनों पक्षों को महिला थाने बुलाया गया, लेकिन समझौता नहीं हो सका। इस पर सूफिया ने सितंबर 2019 में अदालत के आदेश पर कोखराज कोतवाली में पति समेत चार लोगों के विरुद्ध दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया। अब इसी आरोप में मंगलवार को फिर से सूफिया ने पति समेत ससुरालियों के खिलाफ दोबारा दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज कराया है।
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हैरानी की बात यह है कि पुलिस ने बिना जांच के फिरोज के पिता सिराजुद्दीन को भी आरोपी बनाया है, जबकि उनकी मौत 12 साल पहले हो चुकी है। इससे पहले सूफिया ने परिवार न्यायालय में भरण-पोषण का वाद भी दायर कर रखा है। फिरोज व उसके घरवालों के खिलाफ एक ही अपराध में दर्ज दो अलग-अलग मुकदमा इलाके में चर्चा का विषय बना है। इस बाबत इंस्पेक्टर कोखराज पीके राय का कहना है कि पहले लिखे गए मुकदमे की जानकारी नहीं है। अगर एक ही अपराध में दो मुकदमे दर्ज किए गए हैं तो कोई बीच का रास्ता निकाला जाएगा।