कौशाम्बी : शिक्षा व रोजगार पर जोर दे आकाश आनंद ने युवाओं में भरा जोश, देखने के लिए उमड़ी भारी भीड़
बसपा के को-आर्डिनेटर की जनसभा सुबह 10 बजे से ही शुरू होनी थी। लेकिन, तब तक न तो वह खुद आए थे और न ही भीड़। जैसे-जैसे समय बीतता गया, पंडाल में भीड़ भी बढ़ती गई। सूरज आग उगल रहा था, फिर भी लोग सिर्फ एक पंडाल के सहारे बैठे रहे।
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बहुजन समाज पार्टी का उत्तराधिकारी व को-आर्डिनेटर बनने के बाद आकाश आनंद पहली बार कौशाम्बी आए थे। पार्टी के काडर वोटों को सहेजने के लिए एक मझे हुए राजनीतिज्ञ की तरह मंच से सभा को संबोधित किया। महिलाओं से मां व बहन का रिश्ता बनाया तो शिक्षा व रोजगार पर जोर देकर युवाओं का दिल भी जीतने का प्रयास किया।
बसपा के को-आर्डिनेटर की जनसभा सुबह 10 बजे से ही शुरू होनी थी। लेकिन, तब तक न तो वह खुद आए थे और न ही भीड़। जैसे-जैसे समय बीतता गया, पंडाल में भीड़ भी बढ़ती गई। सूरज आग उगल रहा था, फिर भी लोग सिर्फ एक पंडाल के सहारे बैठे रहे। करीब 1.30 बजे उनका काफिला पहुंचा। मंच पर आते ही एक बड़े नेता की तरह हाथ जोड़कर व हाथ हिलाकर सामने बैठे लोगों का अभिवादन किया।
तमाम युवा उनसे मिलने के लिए मंच के पास जुट गए थे। युवाओं से बैठने का आग्रह किया और कहा कि बिना आपसे मिले जाऊंगा नहीं। करीब 30 मिनट के भाषण में उनका ज्यादा फोकस शिक्षा और रोजगार पर रहा। मंशा साफ थी कि बिखरे हुए युवा मतों को सहेजना। जब-जब आकाश ने भाजपा पर इन मुद्दों को लेकर तंज कसते, तब तक युवा नारे लगाकर उनका समर्थन देते। सभा से निकलते समय वह युवाओं से मिले। हाथ मिलाया और सेल्फी ली तो युवाओं का जोश और भी दोगुना हो गया।
बहुजन समाज को बहुरुपियों से किया सतर्क
सुरक्षा व्यवस्था का मुद्दा उठाकर बल्कि, मां-बहन का नाता जोड़कर महिला वोटरों को अपने पाले में करने का प्रयास किया। बहुजन समाज व पार्टी के कार्यकर्ताओं को बहरूपियों से सचेत रहने के टिप्स दिए। साथ कहा कि पार्टी का झंडा लेकर विरोधी दलों के समर्थन की बात करने वाले नेता हों या प्रत्याशी, इनसे सतर्क रहे। सिर्फ पार्टी के चुनाव चिन्ह हाथी पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि शिक्षा, सुरक्षा और रोजगार यह तीन बिंदु छोड़ रहा हूं। जो दल वोट मांगें, उनसे बीते कार्यकाल का हिसाब मांगें। अंधाधुंध मतदान न करें।